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बिना मुआवजा दिए खोद डाली फसल

Sat, 03 Dec 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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बसखारी में नेशनल हाईवे के निर्माण में किसानों के साथ हो रही मनमानी। - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल हाईवे मार्ग के निर्माण में किसानों ने ज्यादती का आरोप लगाया है। किसानों के मुताबिक उन्हें मुआवजे की धनराशि सौंपी नहीं गई लेकिन दूसरी तरफ निर्माण इकाई लगातार उनकी फसलों को बर्बाद करते हुए निर्माण कार्य करा रही है।  किसानों ने प्रशासन से अविलंब मुआवजे का भुगतान कराने या फिर तत्काल निर्माण कार्य को रुकवाने की मांग की है।
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गौरतलब है कि टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र से होकर नेशनल हाइवे का निर्माण हो रहा है। इसमें क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के मुताबिक मनमानी का आलम यह कि प्रभावित तमाम किसानों को मुआवजे की राशि अभी सौंपी नहीं गई लेकिन निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। खेतों में बोई गई रबी की फसलों को भी चौपट कर दिया जा रहा है।

बढ़ियानी से शुक्लबाजार तक सैकड़ों बीघा गेहूं, सरसों, मटर, चना, आलू व अन्य फसलों की जेसीबी से खोदाई कर दी गई। किसानों द्वारा विरोध भी किया जाता है तो कार्यदायी संस्था कुछ सुनने को भी तैयार नहीं है।  किसानों का आरोप है कि एक तरफ सरकार उनकी भूमि का मुआवजा नहीं दे रही है तो दूसरी तरह हजारों रुपए खर्च कर बोई गई फसल को बर्बाद कर दिया जा रहा है।
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इससे उन्हें तगड़ी चपत लग रही है। बजदहिया पाईपुर के किसान बृजेश त्रिपाठी, कोतूपुर के चन्द्रभूषण त्रिपाठी, भटपुरवा के प्रमोद तिवारी, बुढ़नापुर के अनिल वर्मा, बसखारी के हरिश्चन्द्र मिश्र, रामकुमार गुप्त व रमेश वर्मा आदि ने  कहा कि प्रशासन या तो उनकी भूमि का मुआवजा दिलाए या तो तत्काल निर्माण कार्य रुकवाए।

यदि ऐसा न हुआ तो किसान स्वयं निर्माण कार्य रुकवाने के लिए बाध्य होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने बताया कि मुआवजा भुगतान के प्रयास कराए जा रहे हैं। जल्द ही भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। कहीं कोई जबरन कार्य नहीं हो रहा है।
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