अंबेडकरनगर। ग्रामीण आजीविका मिशन को जमीनी स्तर पर मजबूती देने की दिशा में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) की नियुक्ति प्रक्रिया तेज़ हो गई है। जिले में 11 पदों के सापेक्ष अब तक 70 आवेदन आ चुके हैं। चयन परीक्षा 25 व 26 सितंबर को आयोजित की जाएगी। डीआरपी की नियुक्ति से जिले में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की गतिविधियों को नई गति मिलेगी और रोजगार के संसाधनों में इजाफा होगा।
परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहां उन्हें संगठनात्मक प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन, बचत-ऋण व्यवस्था, विपणन कौशल और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे पहलुओं की गहन जानकारी दी जाएगी। चयनित युवा स्वयं सहायता समूहों को संगठित करने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद डीआरपी अपने जिले में लौटकर स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित और मार्गदर्शित करेंगे। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
इन बिंदुओं पर होगा प्रशिक्षण
सामाजिक लामबंदी को सशक्त बनाना
सूक्ष्म वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देना
कौशल विकास के अवसरों का निर्माण
सामाजिक समावेशन को प्रोत्साहन देना
समूहों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना
महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना
एसएचजी को बनाएंगे मजबूत
डीआरपी चयन के लिए जिला स्तर पर 25 व 26 सितंबर को परीक्षा होगी। डीआरपी सामाजिक लामबंदी, सूक्ष्म वित्त, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में दक्ष होंगे और एसएचजी को मजबूत बनाएंगे।
— सुरेंद्र प्रताप सिंह, डीसी, एनआरएलएम