अम्बेडकरनगर। पंचायत चुनाव से पहले तक बीजेपी जिलाध्यक्ष रहे कपिलदेव वर्मा की पत्नी पुनर्मतगणना में भी पराजित हो गईं। जिपं अध्यक्ष बनने के लिए बीजेपी जिलाध्यक्ष की कुर्सी छोड़ने वाले कपिलदेव भी जिपं सदस्य का चुनाव बुरी तरह हार गए थे। पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाने के लिए पुनर्मतगणना के बाद एक बार फिर पराजय ही मिली। इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।
पंचायत चुनाव की घोषणा के पहले तक जिलाध्यक्ष रहे कपिलदेव वर्मा का एक और दांव कामयाब नहीं हो पाया। लगातार दूसरी बार बीजेपी के जिलाध्यक्ष बनाए गए कपिलदेव वर्मा पंचायत चुनाव को लेकर खासे उत्साहित हो गए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिलना तय मान वे जिपं सदस्य का चुनाव लड़ गए। जिलाध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने के बाद सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए सीट के चयन में उन्हें दिक्कत हुई। इसके बाद वे रामनगर से जिपं सदस्य का चुनाव लड़े लेकिन बुरी तरह पराजित हुए। मतगणना के दौरान उनके द्वारा हंगामा करने की भी खबर सामने आई हालांकि उन्हें पराजित घोषित कर दिया गया। इससे उनका जिपं अध्यक्ष बनने का सपना चकनाचूर हो गया।
उसी दौरान उनकी पत्नी राधा वर्मा भी टांडा ब्लॉक से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव हार गईं। उन्हें वे टांडा से ब्लॉक प्रमुख बनवाने की कोशिश में थे। दोनों सीट पर पराजय के बाद पुनर्मतगणना के लिए उन्होंने न्यायालय में अपील की। जिला कोर्ट से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए फिर से मतगणना का आदेश कर दिया गया।
इसी क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट में मतों की गणना वीडियोग्राफी के बीच हुई। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन से ठीक एक दिन पहले हुई फिर से मतगणना में कपिलदेव की पत्नी राधा वर्मा को पराजय ही मिली। उन्हें पहले भी 129 मत मिले तो इस बार भी उतने ही मत रहे। पहले विजयी घोषित किए गए अंकित वर्मा फिर से विजयी रहे। उन्हें पहले 273 मिले थे जबकि अब 269 वोट घोषित किया गया। अंकित में पहले जोड़े गए 4 मत अवैध करार दिए गए। अन्य किसी भी प्रत्याशी के मत में कोई अंतर नहीं पड़ा।