राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंटों ने किया प्रदर्शन
हड़ताल पर जाते ही मानदेय देने की कर दी गई घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में तीन माह से मानदेय न मिलने पर लगभग 50 जूनियर चिकित्सक हड़ताल पर चले गए। इससे अलग-अलग वार्डों में भर्ती मरीजों को मुश्किलें भी हुईं। हालांकि सीनियर चिकित्सकों व अन्य स्टॉफ ने स्थिति को संभाले रखा। इस बीच हड़ताल होते ही महकमा हरकत में आया। आननफानन एक माह का मानदेय 24 घंटे में देने की घोषणा प्राचार्य ने की।
महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में कार्यरत जूनियर्स डॉक्टर को पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिल पाया है। चिकित्सकों ने बताया कि जुलाई माह से ही मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जूनियर रेजीडेंट ने एक दिन पहले मंगलवार को कॉलेज प्रशासन को पत्र भेजकर चेतावनी दी थी कि यदि बुधवार सुबह तक भुगतान न हुआ तो वे सब हड़ताल पर चले जाएंगे।
इसी के क्रम में यहां कार्यरत लगभग 50 जूनियर रेजीडेंट बुधवार सुबह परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कार्य का बहिष्कार कर दिया। कहा कि जब तक मानदेय का भुगतान नहीं होगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
मालूम हो कि ओपीडी में ज्यादातर मरीजों का इलाज जूनियर डॉक्टर ही करते हैं। ऐसे में उनके हड़ताल पर चले जाने से इलाज के लिए मरीजों को मुश्किलें हुईं। हालांकि कुछ ही देर बाद सीनियर चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों ने ओपीडी में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया और मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया। बाद में प्राचार्य ने यह कहकर उनको शांत कराया कि एक माह का मानदेय पहुंच गया है। जल्द ही सभी संबंधित के खाते में राशि पहुंच जाएगी।
समाज कल्याण विभाग से होता है भुगतान
सद्दरपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना समाज कल्याण विभाग के स्पेशल कंपोनेंट योजना के हुई है। इसके चलते जूनियर चिकित्सकों आदि का भुगतान इसी विभाग से होता है। कई बार ग्रांट आदि के अभाव में भुगतान नहीं हो पाता। गत वर्ष भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी। प्राचार्य डॉ. अमीरुल हसन ने बताया कि पूर्व में विभाग को पत्र भेजा गया था। बीते दिनों रिमाइंडर भी भेजा गया। एक माह का मानदेय आ गया है। जल्द ही बकाया भुगतान हो जाएगा।
सीडीओ से मिले चिकित्सक
बकाया मानदेय भुगतान न होने से नाराज चिकित्सकों ने अकबरपुर पहुंचकर सीडीओ अनुराज जैन से मुलाकात की। उन्हें बताया कि मानदेय न मिलने से किस तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन माह से मानदेय न मिल पाने से दिक्कतें हो रही हैं।
सुचारु रही स्थिति
मेडिकल कॉलेज में हड़ताल की सूचना दी गई थी लेकिन हड़ताल पर नहीं गए थे। थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन आदि हुआ था। एक माह का मानदेय उन्हें बृहस्पतिवार तक दे दिया जाएगा।
-डॉ. अमीरुलहसन, प्राचार्य