अंबेडकरनगर। जनता दर्शन में समय से पहुंचने को लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारी ही शासन की मंशा के अनुरूप काम नहीं कर रहे। अमर उजाला टीम ने सोमवार को कलेक्ट्रेट का जायजा लिया तो सुबह साढ़े नौ बजे तक डीएम राकेश कुमार मिश्र नहीं पहुंच सके थे। उनके जनता दर्शन कक्ष में एडीएम अमरनाथ रॉय मौजूद थे, लेकिन कोई उन्हें अपनी समस्या सुनाने को तैयार नहीं था। बाहर खड़े लोगों को इस बात का इंतजार था कि आखिर कब डीएम वहां पहुंचें और वे सब उन्हें अपनी समस्या से अवगत करा सकें। फरियादियों का कहना था कि जब जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का ही यह हाल है तो अन्य अधिकारियों द्वारा बरते जाने वाले रवैये का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि शासन ने जनता के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को जवाबदेह बनाने की मुहिम छेड़ रखी है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि सभी अधिकारी सुबह 9 बजे ही कार्यालय पहुंच जाएं और 11 बजे तक जनता की समस्याओं की सुनवाई अनिवार्य रूप से करें। शासन के इन निर्देशों का शुरू में तो कुछ असर रहा, लेकिन अब एक बार फिर से मनमानी का दौर शुरू हो गया है।
अमर उजाला टीम सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंची तो देखा कि साढ़े नौ बजने के बावजूद डीएम राकेश कुमार मिश्र वहां नहीं पहुंच सके थे। उनके कार्यालय के सामने उस समय 15 से अधिक फरियादी अपनी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंच चुके थे। इनमें से कई फरियादी ऐसे थे, जिन्होंने अपने घरों को सुबह ही इसलिए छोड़ दिया था, जिससे कलेक्ट्रेट जल्दी पहुंचकर साहब को अपनी समस्या अच्छे माहौल में बताई जा सके। कुछ को वापस घर जल्दी पहुंचकर अलग अलग काम निपटाने थे। इन्हीं सबके चलते कलेक्ट्रेट तक जल्दी पहुंचे फरियादियों को निराश होना पड़ा।
हालांकि डीएम के जनता दर्शन कक्ष में समस्याएं सुनने के लिए एडीएम अमरनाथ रॉय मौजूद जरूर थे, लेकिन कोई भी फरियादी उन्हें अपनी समस्या सुनाने व बताने को तैयार नहीं था। हर किसी को डीएम से मिलने का इंतजार था, क्योंकि वह उन्हीं से मिलने की उम्मीद लेकर पहुंचा था। डीएम से मिलने की आस में ऐसे फरियादियों को लगभग एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। कारण यह कि 9 बजकर 50 मिनट पर डीएम की गाड़ी कलेक्ट्रेट पहुंची। इसके बाद वाहन से उतरकर डीएम अपने कक्ष में पहुंचे, जहां उन्होंने पहले कुछ जरूरी फाइलें निपटाईं। इसके बाद ही फरियादियों से मिलने का नंबर आ सका।
खजूरडीह निवासी कांशीराम व जलालपुर तहसील अन्तर्गत उसरहा निवासी शैलेश भूमि संबंधित समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वे वहां लगभग साढ़े आठ बजे ही कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे। टांडा तहसील के दुल्लापुर निवासी जंतरी प्रसाद तथा जलालपुर तहसील के किशुनपुर की रहने वाली विमला पाण्डेय के साथ ही रामकृपाल निवासी बेवाना, धीरेंद्र निवासी कटेहरी तथा जमील अहमद निवासी कटरिया भी उन लोगों में शामिल थे, जो डीएम का इंतजार कर रहे थे।
कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले फरियादियों को इंतजार न करना पड़े, इसके लिए ही एडीएम मौजूद थे। मैं भी पहुंच गया था। जनता को प्राथमिकता दी जाती है। उन्हें कोई दिक्कत न हो, इसका ध्यान दिया जा रहा है।
राकेश कुमार मिश्र डीएम