अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के लिए पौने दो लाख किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब गांवों में ही टीम जाकर सभी कमियां दुरुस्त कराएगी। इसमें भूखंड की फीडिंग व ई-केवाईसी न कराने वाले किसान शामिल हैं। इन किसानों के लिए ही 22 मई से 10 जून तक ग्राम पंचायतस्तर पर पीएम किसान शिविर का आयोजन होगा। जिन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है उनका 100 रुपये भुगतान करने पर मौके पर ही नया खाता खोलकर आधार से लिंक किया जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों को भी योजना का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऐसे किसान जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराई है या फिर भूखंड की फीडिंग नहीं कराई है, उन्हें भी योजना के तहत 14वीं किस्त हासिल करने के लिए मौका दिया जाएगा।
कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार तीन लाख 86 हजार 460 किसानों को पीएम किसान सम्मन निधि योजना के तहत 13वीं किस्त का लाभ मिला। इनमें एक लाख 15 हजार 103 वह किसान भी शामिल हैं जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराई है जबकि 60 हजार 169 किसान ने भू-खंड की फीडिंग नहीं कराई है। 14वीं किस्त का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने ई-केवाईसी व भूखंड की फीडिंग कराई होगी। ऐसे वंचित किसानों को भी लाभ दिलाने के लिए 22 मई से 10 जून तक विशेष वृहद पीएम किसान शिविर का आयोजन होगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर का आयोजन कर न सिर्फ किसानों की ई-केवाईसी होगी बल्कि भूखंड की फीडिंग भी की जाएगी। वहीं ऐसे किसान जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है उनके लिए शिविर में मौजूद पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी मौके पर ही खाता खोलेंगे और आधार को खाते से लिंक करेंगे। संबंधित किसान को इसके लिए 100 रुपये खर्च करने होंगे। (संवाद)
जरूरत पड़ने पर बढ़ेगी तारीख
कृषि विभाग के अनुसार 10 जून तक चलने वाले अभियान के दौरान भी जिन किसानों का खाता नहीं खुल सका होगा और आधार से लिंक नहीं हो सकेगा उनकेे लिए तारीख में वृद्धि भी की जा सकती है। हालांकि ऐसा तब ही होगा जब इसकी आवश्यकता पड़ेगी। फिलहाल अभियान चलाकर किसानों को प्रेरित किया जाएगा जिससे कि वे शिविर में पहुंचकर ई-केवाईसी व भूखंड की फीडिंग समय रहते करा लें।
पूरी की गईं तैयारियां
शत-प्रतिशत पात्र किसानों को प्रधानमंत्री सम्मन निधि योजना का लाभ दिलाने के लिए 22 मई से आयोजित होने वाले शिविर को सफल बनाने की तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। इसके लिए किसानों को अभियान चलाकर जागरूक भी किया जा रहा है। - बृजेश कुमार, प्रभारी उपकृषि निदेशक