वैसे तो यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर बताया जा रहा है, लेकिन उन पर यह कार्रवाई बीते दिनों प्रसूता के इलाज में एक चिकित्सिका द्वारा बरती गई लापरवाही व उसके बाद उपजे विवाद के कारण होने की चर्चा है। मामले में महिला चिकित्सक के निलंबन की तैयारी है।
बताते चलें कि दो दिन पूर्व जिला चिकित्सालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया था, जब एक प्रसव पीड़िता की जांच को लेकर चिकित्सिका डा. अनीता गौतम से विवाद हो गया था। हंगामें के दौरान ही राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त सपा नेत्री विद्यावती राजभर भी जिला अस्पताल पहुंच गई थीं।
इसके बाद उनकी भी चिकित्सक से झड़प हो गई थी। चिकित्सिका डा अनीता ने सपा नेत्री व उनके साथ आए लोगों पर अभद्रता एवं मारपीट का आरोप लगाते हुए प्रसूता को बगैर देखे ही वां से चली गई थीं। इसके बाद सीएमएस डा आरके पटेल ने एक दूसरी महिला चिकित्सक को बुलाकर आपरेशन कराया था, जिसके बाद मृत बच्चा पैदा हुआ था। यह मामला कैबिनेट मंत्री अहमद हसन तक उसी दिन पहुंचा था।
मंत्री ने पूरे घटनाक्रम पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा था कि मरीजों के इलाज में इस तरह की लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। इस बीच गुरुवार सायं सीएमएस डा आरके पटेल का स्थानांतरण लखनऊ हो गया। उन्हें संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के पद पर तैनात करने का आदेश जारी हुआ है। मामले में संबंधित महिला चिकित्सक के निलंबन की प्रक्रिया चल रही है।