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एक माह बाद भी नहीं पहुंच सका जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन

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अंबेडकरनगर। एक माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन जिला अस्पताल में अब तक न तो एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध हो सका और न ही फिल्म मंगाकर डिजिटल एक्स रे का कार्य ही शुरू किया गया है। नतीजा यह है कि प्रतिदिन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए आए पीड़ितों व डिजिटल एक्स रे की उम्मीद में आए मरीजों को मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। मरीजों व उनके तीमारदारों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मरीजों के हित को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिए।
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जिला अस्पताल में सस्ते व बेहतर इलाज की उम्मीद लिए आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के चलते तगड़ा झटका लग रहा है। न तो समय पर उनका बेहतर इलाज हो पा रहा है और न ही सुचारु रूप से जांच हो पा रही है। मरीजों के हित को लेकर अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं उपलब्ध हो सका है। नतीजा यह है कि प्रतिदिन औसतन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए 25 से अधिक पीड़ितों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। अब आलम यह है कि पीड़ित अधिक दाम पर मेडिकल स्टोर से एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
उधर, डिजिटल एक्स रे की फिल्म समाप्त हुए भी एक माह से अधिक का समय बीत चुका है। अब तक इसकी भी उपलब्धता नहीं हो सकी है। नतीजा यह है कि डिजिटल एक्स रे के लिए आने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। कुछ मरीज तो मजबूर होकर सामान्य एक्स रे से ही काम चला रहे हैं। बुधवार को डिजिटल एक्स रे के लिए बेवाना से आए राधेश्याम व कटेहरी की बबिता ने कहा कि वह बीते तीन दिन से डिजिटल एक्स रे के लिए जिला अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं। अब मजबूर होकर सामान्य एक्स रे से ही काम चलाना पड़ रहा है। उधर सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि एंटी रैबीज इंजेक्शन व प्लेट के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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