अंबेडकरनगर। बेहतर प्रदर्शन के लिए जिले को दो स्कॉच अवार्ड मिले हैं। कोविड संक्रमण रोकथाम के लिए रिकॉर्ड मास्क उत्पादन तथा तमसा नदी के पुनरोद्धार के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते जिले को इस उपलब्धि से नवाजा गया है। प्रदेश के चंद जिलों को ही एक साथ दो स्कॉच अवार्ड हासिल हो सके हैं।
जिले को विकास कार्यों समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्यों व योजनाओं के क्षेत्र में बड़ा मुकाम दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने लगातार काम किया। तत्कालीन जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र व सीडीओ घनश्याम मीणा के नेतृत्व में टीम वर्क के तहत हुए प्रयासों के चलते कई बार जिले को प्रदेश के टॉप जनपदों की सूची में शामिल होने का मौका मिला। अयोध्या मंडल के शामिल अन्य जनपदों को कई बार अंबेडकरनगर जनपद ने प्रदेश स्तर की रेटिंग में पीछे छोड़ा। इस बीच बीते दिन ही जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के यहां से स्थानांतरण होने के बाद अब वर्ष 2020 के लिए स्कॉच अवार्ड के जो परिणाम घोषित हुए, उसमें अंबेडकरनगर को एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई।
कोविड संक्रमण रोकने के लिए मास्क के क्षेत्र में काम करने पर अंबेडकरनगर जनपद को सिल्वर श्रेणी हासिल हुई है। तत्कालीन जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में हुए प्रयासों व प्रोत्साहन के चलते रिकॉर्ड साढ़े 6 लाख मास्क स्वंय सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए थे। इससे एक करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। इससे जिले में कोविड संक्रमण को फैलने से रोकने में अप्रत्याशित सफलता भी मिली थी। जिले में तैयार हुए इन मास्क का लाभ अगल-बगल के जनपदों को भी मिला था।
इसके साथ ही जिले में 76 किलोमीटर लंबी तमसा नदी के पुनरोद्धार के लिए भी जिले को सर्टीफिकेट ऑफ एक्सीलेंस मिला है। सीडीओ घनश्याम मीणा ने बताया कि तमसा नदी के पुनरोद्धार से न सिर्फ जलस्तर बढ़ाया गया, वरन प्रदूषण को कम करने में भी सफलता मिली। मनरेगा के तहत बड़ी तादाद में श्रमिकों को काम करने का अवसर प्राप्त हुआ। नदी के किनारे लगभग एक लाख पौधे लगाकर पर्यावरण की बेहतरी सुनिश्चित की गई। साथ ही इससे पशुओं व अन्य जीवों को भी फायदा पहुंचा। सीडीओ ने कहा कि टीम भावना के तहत किए गए कार्यों के चलते ही जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। अंबेडकरनगर प्रदेश के उन चंद जिलों में शामिल हुआ है, जिनके हिस्से में एक से अधिक उपलब्धि आई है।