अंबेडकरनगर। कांग्रेस प्रत्याशी उमेद समेत आठ प्रत्याशियों के पर्चे खारिज करने से कलेक्ट्रेट में बुधवार को गहमागहमी का माहौल रहा। नामांकन पत्र खारिज किए जाने के कारण की जानकारी देने जिला प्रशासन बुधवार शाम सामने आया। उपजिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम अमरनाथ रॉय ने बताया कि प्रत्याशियों के नामांकन पत्र के साथ शामिल शपथ पत्र में गड़बड़ियों के चलते जांच के बाद नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश व भारत निर्वाचन आयोग के आदेश के क्रम यह एकदम स्पष्ट है कि प्रारूप संख्या 26 में कोई एक भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा। उसे विधिवत भरे जाने का निर्देश है। यह भी निर्देश है कि पर्चा भरते समय यदि कोई कॉलम अधूरा रहता है, तो उसी समय चेक लिस्ट दी जाएगी, जिससे नया शपथ पत्र फिर से दिया जा सके। यह मौका जांच शुरू होने से पहले 24 अप्रैल की पूर्वाह्न 11 बजे तक था। जिन भी प्रत्याशियों के ऐसे शपथ पत्र अधूरे थे, उन्हें उसी समय चेक लिस्ट दे दी गई थी। इसकी बाकायदा रसीद भी प्रशासन के पास है। अब इसके बाद भी जिन प्रत्याशियों के फॉर्म 26 आयोग के निर्देशों के अनुरूप पूर्ण नहीं पाए गए, उन्हें खारिज कर दिया गया।
कांग्रेस प्रत्याशी उमेद निषाद समेत आठ प्रत्याशियों के नामांकन पत्र बुधवार को हुई जांच में खारिज कर दिए गये। कई प्रत्याशियों ने इसे लेकर गहरी नाराजगी प्रकट की। कांग्रेस प्रत्याशी की इसे लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार से तीखी बहस भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट हंगामा भी किया। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव करने के बजाए मामला चुनाव आयोग ले जाने का निर्णय लिया। कांग्रेस प्रत्याशी ने साजिश के तहत नामांकन पत्र खारिज करने का आरोप लगाया, तो वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रपत्रों में खामियों के कारण नियमानुसार नामांकन पत्र खारिज किया गया है। जांच के बाद अब कुल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं।
अंबेडकरनगर सामान्य संसदीय सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बुधवार को नामांकन कक्ष संख्या 39 में जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई। विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के समर्थक व कार्यकर्ता बाहर जमे हुए थे। उधर नामांकन कक्ष में प्रत्याशी व उनके अधिकृत प्रतिनिधि की मौजूदगी में जांच प्रक्रिया चल रही थी। इस मौके पर प्रेक्षक उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। नामांकन पत्रों की जांच में कई तरह की खामियां पाई गईं। सबसे ज्यादा अचरज भरी खबर दोपहर तीन बजे तब सामने आई, जब कांग्रेस प्रत्याशी उमेद निषाद का परचा खारिज कर दिया गया। जांच में पाया गया कि उनका शपथपत्र ही अपूर्ण था। नामांकन पत्र खारिज होने के दौरान कक्ष में मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी उमेद ने आपत्ति जताई। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार ने समझाया कि नियमों के अनुरूप ही यह किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी यह मानने को तैयार नहीं हुए। वह साजिश का आरोप लगाने लगे, जिस पर डीएम से उनकी तीखी बहस भी हुई। गर्मागर्मी को देखते हुए वहां एसडीएम व सीओ सदर समेत कई पुलिसकर्मी पहुंच गये। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी को कक्ष से बाहर कर दिया गया।
इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी का परचा खारिज होने की खबर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में फैली, तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। इसे देखते हुए कलेक्ट्रेट के दोनों मुख्य गेट बंद करा दिए गये। साथ ही दोनों प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कलेक्ट्रेट के अंदर भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी बुला लिए गये। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट घेराव या प्रदर्शन तो नहीं किया लेकिन, हंगामे का माहौल रहा। बाद में पार्टी ने चुनाव आयोग से मामले की शिकायत का निर्णय लिया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। उधर नामांकन पत्र खारिज होने को लेकर निर्दल प्रत्याशी पुष्पा अनिल व लालबहादुर मौर्य ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इन दोनों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि मौका दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बुधवार को आठ प्रत्याशियों का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद अब 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं।
इन दावेदारों के खारिज हुए नामांकन पत्र
नामांकन पत्रों की जांच के बाद कांग्रेस के उमेद निषाद के अलावा निर्दल प्रत्याशी पुष्पा अनिल, लाल बहादुर मौर्य, नागेश्वर प्रसाद, इंद्रजीत, फतेह बहादुर, गुलाब व कमलेश का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया।
अब एक बैलेट यूनिट से होगा मतदान
आठ प्रत्याशियों का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद अब प्रत्येक बूथ पर एक बैलेट यूनिट से ही मतदान होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। दरअसल प्रत्येक बैलेट में सिर्फ 16 प्रत्याशियों के नाम दर्ज होने का प्रबंध होता है। इससे ज्यादा प्रत्याशी होने पर एक ईवीएम पर दो बैलेट यूनिट लगानी पड़ती है। अंबेडकरनगर सीट पर 16 से अधिक प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल हुए थे। आठ प्रत्याशियों का नामांकन खारिज होने के बाद अब 12 प्रत्याशी ही मैदान में हैं।
तकनीकी गड़बड़ी से खारिज हुए आठ नामांकन
कुल 20 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। बुधवार को जांच में सामने आई गड़बड़ी के आधार पर आठ नामांकन पत्र खारिज कर दिए गये हैं। अब 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। -सुरेश कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी