अंबेडकरनगर। अनुशासित जीवन व्यतीत करने से ही सफलता हासिल होती है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि खुद अनुशासित रहते हुए दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यह बात मंगलवार को महिला निरंकार संत समागम के दौरान प्रचारक रीता मारवाह ने कही। अपील की कि सभी में सेवाभाव होना चाहिए। हमे एक दूसरे के सुख-दुख में हमेशा बढ़-चढ़ कर बिना किसी स्वार्थ के हिस्सेदारी करना चाहिए।
अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रचारक ने कहा कि जीवों में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ है। भगवान ने इंसान को बुद्धि व सोचने समझने की शक्ति के साथ इस दुनिया में भेजा है। इसका अर्थ है कि हम एक दूसरे के सुख दुख में सहयोग करें। हमें एक दूसरे की भावनाओं को समझना। यदि कोई परेशान हो तो बगैर किसी स्वार्थ के उसकी मदद करना हम सभी का परम कर्तव्य है।
उन्होंने अनुशासन में रहकर काम करने पर जोर देते हुए कहा कि जिसने समय को नहीं समझा वह कभी सफल नहीं हो सकता। यदि कोई किसी कारणवश समाज से दूर हो रहा हो तो उसे समाज से जोड़ना होगा। भूखे को खाना व प्यासे को पानी देना हम सभी का कर्तव्य है। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार सत्यार्थी, राधेश्याम, आनंद कुमार, रामकुमारी, ऊषा देवी व राकेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।