दिल्ली से हेलीकाप्टर से पहुंचे प्रोजेक्ट निदेशक ेसलाहपुर रजौर गांव में कार्यक्रम संपन्न कराने के बाद वापस लौट गए। इसकी जानकारी मिलते ही तत्काल स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और एनटीपीसी प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। उन्होने नारेबाजी भी की।
टांडा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाईयों की स्थापना की जानी है। इसके लिए किसानों के विरोध के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था के बीच भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई भी की गई थी। ऐसे में किसी प्रतिकूल परिस्थिति से बचने के लिए एनटीपीसी प्रशासन ने शिलान्यास के पूरे कार्यक्रम को अत्यंत गोपनीय रखा था।
इसके लिए नई दिल्ली से एनटीपीसी के निदेशक प्रोजेक्ट एससी पांडेय हेलीकाप्टर से दोपहर परिसर स्थित रामलीला मैदान पहुंचे। महाप्रबंधक प्रभारी अरविन्द सिन्हा व महाप्रबंधक अनुरक्षण एवं परिचालन एस मुखर्जी ने उनका स्वागत किया। सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए थे।
एसडीएम टांडा नरेन्द्र सिंह व सीओ टांडा सत्यम दल बल के साथ मौजूद थे। इसके अलावा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने भी कई जगह मोर्चा संभाल रखा था।
निदेशक ने काम शुरू करने से पहले बाकायदा नारियल फोड़ा और पूजन अर्चन कराया। कार्यक्रम की गोपनीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मीडिया तक को भी खबर नहीं की गई। इस दौरान अचानक निकट के गांव वालों को खबर लग गई।
सभी वहीं एकत्रित हो गए और विरोध में जमकर नारेबाजी करने लगे। निदेशक श्री पाण्डेय ने क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक उत्तर सप्तर्षि राय के साथ प्रथम चरण की इकाई के नियंत्रण कक्ष व अन्य जगहों का जायजा लिया।
उधर एनटीपीसी के असिस्टेंट मैनेजर पीआर एसके श्रीवास्तव ने बताया कि यह शिलान्यास का कार्यक्रम नहीं था। निर्माण कार्य का शुभारंभ करने के लिए निदेशक ने नारियल फोड़ा था। इसे शिलान्यास नहीं कहा जा सकता।