जलालपुर (अंबेडकरनगर)। बिजली विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर सुधार की बात तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी डराने वाली है। जलालपुर कस्बे से लेकर गांवों तक बिजली के लटकते तार और जर्जर खंभे आमजन की जान के लिए खतरा बन गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन्हीं रास्तों से रोज स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग गुजरते हैं।
स्कूली बच्चों की जान पर बन आई
जलालपुर के फरीदपुर वार्ड नंबर -एक में स्थित नेशनल इंटर कॉलेज के ठीक पीछे बिजली की केबल जमीन तक लटक रही है। यह स्कूली बच्चों का मुख्य रास्ता है। बच्चों के अभिभावक कई बार बिजली विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन विभाग की नींद अब तक नहीं खुली। स्थानीय निवासी कहते हैं कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता, तब तक यहां सुधार की उम्मीद बेकार है।
गांव का टूटा खंभा, लटकता तार
जलालपुर के सेमरा गांव में मुख्य रास्ते के पास बीते माह आई आंधी में बिजली का खंभा टूट गया। तार अब जमीन तक झूल रहा है। इसी रास्ते से रोज़ाना बच्चे स्कूल जाते हैं और ग्रामीण आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद नया खंभा लगाने की जहमत विभाग ने नहीं उठाई।
सड़क के ऊपर से गुजरा हाई वोल्टेज तार
अकबरपुर-जलालपुर मार्ग के नैनी गांव में हाई वोल्टेज तार सीधे सड़क के ऊपर से गुजर रहा है। नियमानुसार नीचे सुरक्षा जाली लगाई जानी चाहिए, लेकिन यहाँ कुछ भी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तार टूटकर गिरा, तो बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन शायद किसी को इसकी परवाह नहीं।
सूचना देने के बाद भी नहीं हटी लटकती लाइन
रफीगंज-नेवरी मार्ग पर तार लटक रहे हैं। स्थानीय निवासी विनोद जायसवाल बताते हैं कि यहां से गुज़रने वाली एलटी लाइन काफी नीचे लटक रही है। बिजली विभाग को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उनका कहना है कि विभाग का गैरजिम्मेदार रवैया हादसों को न्योता दे रहा है।
जर्जर लाइनें कभी भी बन सकती हैं हादसे का सबब
छोटेलाल, स्थानीय निवासी बताते हैं कि रफीगंज विद्युत उपकेंद्र के सभी फीडर की लाइनों की स्थिति बेहद खराब है। लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन अब तक विभाग ने न मरम्मत कराई, न ही स्थिति का जायजा लिया। लोगों में भय का माहौल है।
नए खंभे व तार लगवाए जा रहे हैं
बिजली के लटकते तारों को जल्द ही ठीक कराया जाएगा। जहां खंभे टूटे हैं, वहां नए खंभे लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। हाईटेंशन तारों के नीचे सुरक्षा जाली भी लगाई जाएगी।
अनुभव कुमार, अधीक्षण अभियंता