जलालपुर (अंबेडकरनगर)। नगर के जाफराबाद मोहल्ले से सोमवार को इस्लामी परंपरा के अनुसार दस सफर का ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत स्थानीय अखाड़े से मौलाना रईस हैदर वाइज की तकरीर के बाद विधिवत हुई। जुलूस हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की चार वर्षीय पुत्री हजरत सकीना की शहादत की स्मृति में निकाला गया।
मजलिस के बाद अंजुमन रौनक-ए-अज़ा की ओर से गुलाब व चमेली से सजे मासूम अली असगर के झूले की जियारत के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंद उमड़े। इसी क्रम में मौलाना जाफर रज़ा जौहरी ने ऊंटों पर सजी अमारियों का परिचय कराते हुए कर्बला के बाद हुसैनी कुनबे की कठिन यात्रा व पीड़ा को विस्तार से बताया। जुलूस में अंजुमन काजिमिया, जाफरिया मुस्तफाबाद, हैदरिया नगपुर, शमशीर हैदरी नदिया तीर, हुसैनिया उस्मानपुर, जुल्फेकारिया, जाफरिया छोटा इमामबाड़ा, अजा ए हुसैन व अब्बासिया सहित विभिन्न अंजुमनों ने भाग लेकर नौहे, मातम और सीनाजनी के माध्यम से कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ हाजी शहादत हुसैन के इमामबाड़ा से गुजरते हुए रात्रि में रौज़-ए-हजरत कासिम परिसर पहुंचा। आयोजन का संचालन मास्टर कुमैल अब्बास ने किया। व्यवस्था में फतेह अली, कौसर अली, मास्टर आले हसन, हैदर अली, कल्बे हसन, जैगम जलालपुरी, शाहिद इमाम आदि उपस्थित रहे।