आलापुर (अंबेडकरनगर)। मसेना मिर्जापुर रामनगर स्थित शांति विहार कॉलोनी में आयोजित चातुर्मास साधना व्रत कथा में रविवार को श्रोताओं ने भावपूर्ण श्रीराम कथा का श्रवण किया। प्रवाचक श्रीनिवास वेदांती महाराज व व्यास पीठ का पूजन सेंट जेवियर्स स्कूल बहरामपुर रामनगर के प्रबंधक बुद्धि राम यादव ने किया।
प्रवाचक ने गंगा-यमुना संगम, भरद्वाज मुनि आश्रम और श्रीराम,लक्ष्मण व सीता की यात्रा से जुड़े भावनात्मक प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम, लक्ष्मण और सीता गंगा-यमुना संगम के पास भरद्वाज मुनि के आश्रम पहुंचे, तो महर्षि ने उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें चित्रकूट पर्वत पर निवास की सलाह दी। श्रीराम ने अपने राजसी वेश और धनुष-बाण के साथ मुनि आश्रम में प्रवेश किया, जहां महर्षि भरद्वाज ने उन्हें सम्मानित किया। श्रीराम ने एकांत स्थान की इच्छा व्यक्त की, जिस पर मुनि ने उन्हें चित्रकूट पर्वत का मार्ग सुझाया। आश्रम में श्रीराम ने लक्ष्मण और सीता के साथ सुखपूर्वक रात्रि व्यतीत की। अगली सुबह श्रीराम भरद्वाज मुनि के पास गए और आगे जाने की आज्ञा मांगी। चित्रकूट जैसा पवित्र स्थल तपस्वियों की तपोभूमि रहा है, जहां से कई ऋषियों ने स्वर्ग की प्राप्ति की है। श्रोताओं की भारी उपस्थिति में कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं शांति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार प्रकट किया।