अंबेडकरनगर। जिले में रोक के बावजूद किसान खेतों में पराली जला रहे हैं। इसका पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। इस पर अंकुश के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बावजूद किसान धान की मड़ाई के बाद खेत में ही पुआल जला दे रहे हैं। खेत में इस समय धान की फसल तैयार है।
किसान धान कटाई व मड़ाई खेतों में कही कर रहे हैं। इसके बाद पुआल को खेत में ही जला दे रहे हैं। इससे खेत की उर्वरा शक्ति तो कमजोर हो रही है। इससे खेत में फसलों के पैदावार पर भी प्रभाव पड़ता है। रविवार सुबह सम्मनपुर के जलालपुर पट्टी संपर्क मार्ग के निकट एक खेत में पराली जल रही थी। खेत से धुएं का गुबार उठ रहा था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह खेत संजलपुर गांव के एक किसान का बताया जा रहा है। किसान खेतों में पराली न जलाएं, इसके लिए कृषि विभाग व राजस्व विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। दो दिन पूर्व डीएम ने एक जागरूकता वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। यह वाहन गांव-गांव जाकर किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाली हानि के बारे में जागरूक कर रहा है। अब तक दो किसानों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। उप कृषि निदेशक डॉ.अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि खेत में पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माने के साथ ही सजा हो सकती है। किसान पराली न जलाएं।