अंबेडकरनगर। शासन के निर्देश पर निजी कंपनियों की यूरिया का 50 प्रतिशत आवंटन होने के बाद भी अधिकांश सहकारी समितियों पर खाद की किल्लत बरकरार है। अधिकारियों ने बुधवार को 25 समितियों पर खाद पहुंचने का दावा किया था, लेकिन हकीकत इससे उलट निकली। कई समितियों के ताले तक नहीं खुले, और जहां खुले भी, वहां किसान केवल एक बोरी खाद लेकर मायूस लौटते नजर आए।
जलालपुर स्थित सहकारी संघ पर सोमवार को खाद खत्म हो गई थी। बुधवार तक भी यहां खाद नहीं पहुंच सकी। समिति पर पहुंचे किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। सचिव अभिषेक ने बताया कि डिमांड भेजी जा चुकी है और बृहस्पतिवार को वितरण शुरू होगा। वहीं अकबरपुर की समिति पर खाद वितरण हुआ, लेकिन हर किसान को केवल एक बोरी दी गई। किसान देवीदीन ने बताया कि चार बोरी की जरूरत है, पर एक ही मिल रही है। खरीफ सीजन की मांग के साथ ही कुछ किसान रबी सीजन के लिए भी खाद जुटा रहे हैं। इससे खाद की डिमांड लगातार बनी हुई है और कर्मचारी सीमित आपूर्ति में वितरण करने में असमर्थ दिख रहे हैं।
खाद आई पर डीडी नंबर बिना अटका वितरण
सिझौली समिति पर भी हालात ज्यों के त्यों हैं। सुबह खाद तो पहुंच गई, लेकिन वितरण नहीं शुरू हो सका। सदरपुर के रामसागर तीसरी बार खाली लौटे। कर्मचारियों का कहना है कि डीडी नंबर न मिलने के कारण खाद बांटना संभव नहीं है। रूदाएं निवासी रामअजोर सुबह 5 बजे बिना नाश्ता किए आठ किलोमीटर दूर से खाद लेने पहुंचे थे, पर दोपहर 12 बजे तक भी वितरण शुरू नहीं हुआ।
नहीं सुधरी व्यवस्था तो होगा आंदोलन
किसान यूनियन अध्यक्ष अमरजीत वर्मा ने कहा कि अधिकारी किसानों को गुमराह कर रहे हैं। चार बोरी की आवश्यकता के मुकाबले एक बोरी देना अन्याय है। यदि जल्द खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन धरना-प्रदर्शन करेगी।
लक्ष्य से अधिक हो चुका वितरण
अगस्त माह में लक्ष्य से अधिक खाद का वितरण कराया जा चुका है। फिर भी लगातार आपूर्ति की जा रही है। जिन समितियों पर खाद नहीं है, वहां बुधवार शाम तक भेज दी जाएगी।
– राघवेंद्र प्रताप शुक्ल, एआर कोऑपरेटिव