नगर के गांधीनगर मोहल्ला निवासी डॉ. मनीष पांडेय (47) इल्तिफातगंज मार्ग पर रेलवे क्रासिंग के निकट रामकृष्णा डेंटल एंड ओरल हेल्थ केयर सेंटर का संचालन करते थे। सोमवार सुबह वह कार से परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने गए थे। उनके साथ अयोध्या निवासी उनकी बुआ अर्चना मिश्रा का परिवार भी गया था। मंगलवार को सभी वापस लौट रहे थे। सुबह साढ़े तीन बजे के करीब पूर्वांचल एक्सप्रेस के कटका थानाक्षेत्र के निकट सभी ने चाय पी। इसके बाद उनकी बुआ का परिवार अयोध्या के लिए रवाना हो गया।
डॉ. मनीष पांडेय भी अकबरपुर के लिए चल पड़े। आगे की सीट पर उनकी पत्नी अलका (42) बैठी थीं। पीछे बेटा आशुतोष (8) और मनीष की भाभी शालिनी पांडेय (45) बैठी थीं। कार सुखारीगंज गांव के निकट बाबा भट्ठे के पास पहुंची थी, तभी विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार बस सामने से टकरा गई। कार हवा में उछली और सड़क से दूर 10 फीट गड्ढे में जाकर पेड़ में जा टकराई।
हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। एयर बैग खुलने के बाद भी हादसे में दंत चिकित्सक की मौत हो गई। पत्नी, बेटा और उनकी भाभी गंभीर रूप से रूप से घायल हो गईं। बस यात्रियों में से कुछ लोग मदद के लिए आगे आए और कार से चिकित्सक की पत्नी, बेटे व भाभी को बाहर निकाला। साथ ही पुलिस को सूचना दी।
बस यात्री भी हुए चोटिल
बस पर करीब 40 यात्री सवार थे, जिनमें से लगभग 15 चोटिल हो गए। हादसे के बाद वे दूसरे साधनों से गंतव्य की ओर निकल गए। स्थानीय अस्पताल में किसी ने उपचार नहीं कराया।
कार का अगला हिस्सा काटकर निकाला शव
डॉ. मनीष पांडेय का शरीर कार के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गया था। पुलिस के आने के बाद कार का अगला हिस्सा काटकर उनका शव बाहर निकाला गया। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है। संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर चालक की तलाश की जा रही है।
120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी बस
अंबेडकरनगर। अकबरपुर से प्रयागराज जाने वाली बस से चिकित्सक की कार में टक्कर लगी थी। हादसे के वक्त बस की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। चालक बस को नियंत्रित नहीं कर सका और कार से जा टकराई। ये बातें बताईं हादसे के वक्त बस पर बैठे शहजादपुर निवासी आशुतोष उपाध्याय ने।
आशुतोष के मुताबिक वह बस चालक के निकट वाली सीट पर बैठकर प्रयागराज जा रहे थे। वह जिस बस पर बैठे थे, उसके पीछे दूसरी प्राइवेट बस लगी थी। वह प्रयागराज जा रही थी। सवारी बैठाने को लेकर दोनों बसों के चालक तेज गति से ड्राइविंग कर बार-बार ओवरटेक कर रहे थे। यात्रियों के मना करने के बाद भी चालक बस की रफ्तार कम नहीं कर रहा था। जिस समय कार में बस की टक्कर हुई, उस समय बस 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से सड़क पर दौड़ रही थी। चालक की इसी चूक ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे के बाद बस का अगला टायर निकल गया। बस अनियंत्रित हो गई। बस में बैठे यात्री एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। कोई खिड़की से जा टकराया तो कोई सीट के लोहे से घायल हो गया। बस में चीखपुकार मच गई। बस में बैठे 15 यात्री चोटिल हो गए।
गांधीनगर आवास पर पसरा रहा सन्नाटा
दंत चिकित्सक डॉ. मनीष पांडेय की मौत की सूचना मिलते ही उनके गांधीनगर स्थित आवास पर मोहल्ले की महिलाएं जुटने लगीं। चिकित्सक की मौत की जानकारी उनके वृद्ध बीमार पिता रामनयन पांडेय को नहीं दी गई थी। ऐसे में वहां आने वाले लोगों को बाहर से ही विदा कर दिया जा रहा था। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजन समेत नाते रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी। डॉ. मनीष भाजपा नेता डॉ. अमित त्रिपाठी के बहनोई थे। सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व अयोध्या प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी, जिला मंत्री विनय पांडेय, शिक्षण संस्थान के जिला संयोजक संतोष सिंह आदि ने पीड़ित के पैतृक गांव जमुनीपुर मठिया पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया।