डेंगू के केस मिलने के बाद एंटीलार्वा का छिड़काव करता कर्मचारी।
अंबेडकरनगर। जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। अब तक 11 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 13 लोग मलेरिया की चपेट में आए हैं। किट से हुई जांच सात अन्य की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई है। अब इन संभावित मरीजों की एलाइजा जांच कराई जा रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर स्वच्छता और जागरूकता अभियान चलाने की बात कह रहा है, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को संक्रामक रोगों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बुखार होने पर मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होती हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर बीमारी का जोखिम और बढ़ जाता है। बुखार, सिर दर्द, जोड़ों में दर्द, शरीर पर चकत्ते, रक्तस्राव, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द जैसे कोई लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
सबसे अधिक मरीज संचारी रोग नियंत्रण व 11 जुलाई से शुरू हुए दस्तक अभियान में आए हैं। गांवों से लेकर शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए अलग-अलग विभागों की दो हजार से अधिक टीमें सक्रिय हैं। इसके बावजूद भी संक्रामक बीमारियां अपने पांव पसार रही हैं। जिले में अब तक 3185 लोगों की डेंगू व 132039 लोगों की मलेरिया की जांच कराई जा चुकी है।
टांडा में सबसे अधिक केस
डेंगू की डंक की चपेट में सबसे अधिक मरीज टांडा में आए हैं। यहांं पर अब तक पांच लोग इसकी जद में आ गए हैं। वहीं अकबरपुर में तीन, बसखारी में दो व एक केस जहांगीरगंज में सामने आया है।
बचाव के साथ किया जा रहा जागरूक
जिन जगहों पर केस सामने आए हैं। वहां पर फॉगिंग, एंटीलार्वा के छिड़काव के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बुखार से पीड़ित लोगों की तुरंत जांच कराई जा रही है। -नवनिधि मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी