आलापुर (अंबेडकरनगर)। आलापुर की विधायक अनीता कमल ने जहांगीरगंज थानाध्यक्ष पर जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से न करने का आरोप लगाकर केस दर्जकर पद से हटाने की मांग की है। दरअसल, उन्होंने थानाध्यक्ष विवेक वर्मा पर राजकीय कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी को पत्र लिखा है। इसी में 20 जनवरी को हुई अग्निकांड के दौरान पीड़ित की मदद करने के बजाय नसीहत देने की बात कहीं गई है।
मामला जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के अशरफाबाद में हुए अग्निकांड से जुड़ा है। 20 जनवरी को अशरफाबाद गांव निवासी अधिवक्ता अजय सिंह के घर में शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। परिजनों ने घटना की जानकारी फोन से फायरब्रिगेड कर्मियों को देनी चाही, लेकिन फोन नहीं लग सका। इस पर जहांगीरगंज थानाध्यक्ष विवेक वर्मा को फोन कर मामले से अवगत कराया तथा फायरब्रिगेड कर्मियों को वायरलेस के जरिए घटना की जानकारी देने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस पर थानाध्यक्ष ने कहा, यह कार्य मेरा नहीं है। फायरब्रिगेड को फोन लगाते रहिए, यह काम आपका है। इस बीच आग की चपेट में आकर करीब 12 लाख रुपये की गृहस्थी जलकर राख हो गई।
अब इसी मामले को लेकर आलापुर विधायक अनीता कमल ने एसपी को पत्र लिखकर थानाध्यक्ष जहांगीरगंज विवेक वर्मा पर राजकीय कार्यों में घोर लापरवाही तथा उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। विधायक ने पत्र में कहा कि थानाध्यक्ष की कार्यशैली पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना है। यदि थानाध्यक्ष द्वारा फायरब्रिगेड कर्मियों को सूचना दी गई होती तो पीड़ित को इतना नुकसान न झेलना पड़ता।
थानाध्यक्ष की इस कार्यशैली से परिजन व आम लोग बेहद आहत हैं। इस कृत्य के लिए थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर त्वरित कार्रवाई तय की जाए तथा कार्रवाई से अवगत कराया जाए। साथ ही पत्र में कहा गया कि ऐसे पुलिसकर्मी का जनपद में बने रहना कतई उचित नहीं है। एसओ को पद से हटाते हुए तत्काल जिले से बाहर स्थानांतरण किया जाए। उधर थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने कहा कि मैने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया था। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है।