अंबेडकरनगर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से संबद्ध मेटलाइफ बीमा कंपनी में तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस की धीमी जांच और बैंककर्मियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी ने पीड़ितों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। मुख्य आरोपी एजेंट उमेर और उसके साथी शरद की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अन्य संलिप्त बैंककर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस मामले में अब तक 100 से अधिक लोगों से कूटरचित बीमा पॉलिसी के नाम पर तीन करोड़ की ठगी मामले में छह एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
एनटीपीसी टांडा के भूमि अधिग्रहण के एवज में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जमीन का मुआवजा मिला था। मुआवजे की धनराशि उनके पंजाब नेशनल बैंक शाखा छज्जापुर बैंक खाते में भेजी गई थी। बैंक से संबद्ध मेटलाइफ बीमा कंपनी में बतौर बीमा एजेंट तैनात टांडा के पीली कोठी मुबारकपुर निवासी उमेर अहमद ने ग्रामीणों से पॉलिसी के नाम पर रुपये लेकर उनको फर्जी पॉलिसी देकर उनसे करोड़ रुपये की ठगी कर ली। समय पूरा होने के बाद भी रुपये न मिलने पर धरना प्रदर्शन देने के बाद करोड़ों रुपये की जालसाजी से पर्दा उठा था।
पांच फरवरी : एजेंट उमेर पर 10 ग्रामीणों ने 50 लाख रुपये की ठगी करने की एफआईआर दर्ज कराई।
छह फरवरी: पुलिस ने आरोपी उमेर व असली पॉलिसी को एडिट करने वाले उसके साथी शरद को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
आठ फरवरी : विवेचना में उमेर के साथ दो पूर्व बैंक मैनेजर व लेखाकारों की संलिप्ता के साथ डेढ़ करोड़ की रिश्वत देने का मामला प्रकाश में आया।
10 फरवरी : टांडा के साथ ही अकबरपुर के पीएनबी बैंक की विकास भवन शाखा में भी उमेर के ठगी के मिले सबूत।
16 फरवरी : टांडा कोतवाली में नौ पीड़ितों की तहरीर पर 51.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के दो एफआईआर दर्ज हुई।
24 फरवरी : उमेर व बैंक कर्मियों के खिलाफ 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी की छठवीं एफआईआर दर्ज की गई।
जल्द होगी गिरफ्तारी
बैंककर्मियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच निष्पक्ष चल रही है।
शुभम कुमार, सीओ टांडा