फैजाबाद जेल में बंद शातिर बदमाश खान मुबारक को बरेली जेल स्थानांतरित किए जाने का मामला अधर में लटकता जा रहा है। पूर्व में जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने खान को बरेली कारागार शिफ्ट करने का निर्देश जारी किया था।
इसी बीच खान ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर जेल शिफ्ट न किए जाने का अनुरोध किया। इस पर अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ ने सुनवाई करते हुए तिथि निर्धारित कर दी। इससे खान के जेल स्थानांतरित होने का मामला टल गया।
उम्मीद थी कि पहली या दूसरी सुनवाई में ही न्यायालय से अनुमति मिल जाएगी, क्योंकि फैजाबाद जेल प्रशासन ने न्यायालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि खान के चलते फैजाबाद जेल में संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उसने वहां गुट बना लिया है और इसका फायदा उठाते हुए कारागार कर्मियों को भी धमका रहा है।
इस तिथि को अधिवक्ता के खराब स्वास्थ्य व कुछ अन्य आधार पर 30 जुलाई को सुनवाई तय हुई। इस बीच न्यायालय को पता चला कि जेल स्थानांतरण के मामले में पूर्व में ही जनपद न्यायाधीश ने अनुमति नहीं प्रदान की थी।
संज्ञान में आया कि 18 जून 2015 को कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक ने जनपद न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुमति का अनुरोध किया था, लेकिन अनुमति प्रदान नहीं हो पाई थी। इसी आधार पर अब अपर जनपद न्यायाधीश ने एक अगस्त को सुनवाई की तिथि निर्धारित करते हुए जेल प्रशासन से आवश्यक कागजात तलब किए हैं।
माना जा रहा है कि जनपद न्यायाधीश से अनुमति न मिल पाने की परिस्थिति को देखते हुए अब अपर जनपद न्यायाधीश द्वारा अनुमति दिए जाने की संभावना जटिल हो गई है।