विभाग को भी इसकी जानकारी है बावजूद इसके इस गोरखधंधे के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। न तो कोई गिरफ्तारी की जाती है और न ही इसे जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान ही चलाया जाता है। चोरी छिपे बिक रही यह शराब कभी कभी तो जानलेवा भी हो जाती है।
जिले के माझा क्षेत्रों में अवैध शराब की भट्टियां अरसे से दहक रही हैं लेकिन उनके खिलाफ विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। हाल ही में मोहनलालगंज में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद सख्त हुए शासन ने सभी जिलों में एक साथ कच्ची व जहरीली शराब के खिलाफ अभियान चलाने कनिर्देश दिये थे।
जिले में जोर-शोर से अभियान शुरू हुआ पर कुछ खास नहीं हासिल हो सका। कुछ ही दिनों में अभियान ने दम तोड़ दिया। टीम के हाथ महज कुछ लीटर कच्ची शराब व लगभग ढाई कुंतल लहन ही लग सका। न कोई गिरफ्तारी हुई और न ही यह जानने का प्रयास किया गया कि इसमें कौन कौन लोग लिप्त थे।
नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि जिले के अधिकांश माझा क्षेत्रों में कच्ची शराब बनाने के लिए भट्ठियां धधक रही हैं। इसमें राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के नई बस्ती, असनारा, अहिरौली थाना क्षेत्र के दरवन झील, टांडा थाना क्षेत्र के माझा उलटहवा सहित जहांगीरगंज के माझा क्षेत्रों में धड़ल्ले से कच्ची शराब के निर्माण का कारोबार चल रहा है। इन सभी स्थानों पर निर्मित हो रही कच्ची शराब की जानकारी विभाग को है, लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कच्ची शराब बनाने में लिप्त एक व्यक्ति ने बताया कि महुआ, लहन व गन्ने की मही के मिश्रण को टिन के बर्तन में रखकर भट्ठियाें के माध्यम से गर्म करते हैं। इससे निकलने वाली भाप को पाइप के द्वारा दूसरे बर्तन में पहुंचाकर उसे ठंडा किया जाता है। भाप के द्रव में बदलने के बाद उसे अलग बर्तन में रखा जाता है। इसी को कच्ची शराब कहते हैं। इसका कोई मानक नहीं होता। इसको बनाते समय यदि किसी भी पदार्थ की मात्रा मानक से अधिक हो जाती है तो वह शराब जहरीली हो जाती है। इसे पीने वाले की मौत हो जाती है।
चिकित्सक डा. विजय तिवारी ने बताया कि कच्ची शराब का सीधा प्रतिकूल प्रभाव फे फड़े व लीवर पर पड़ता है। इससे श्वसन तंत्र व उत्सर्जन तंत्र प्रभावित होता है। इसके अलावा रक्त परिसंचरण तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे हृदय ठीक तरीके से कार्य करना बंद कर देता है। एक साथ फे फड़े, लीवर व हृदय प्रभावित होने से इस प्रकार की शराब पीने वाले की मौत हो जाती है।
यह बोले अधिकारी
प्रभारी आबकारी अधिकारी राजकुमार ने बताया कि सख्त अभियान शुरु किया जा रहा है। छापेमारी कर अवैध शराब बनाने वाले लोगों पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।