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सफाई कर्मचारी की मौत मामले में झूठ बोलकर बढ़ी प्रशासन की मुश्किल

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अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा में सफाई कर्मी सुरेश कन्नौजिया की मौत के मामले में जिला प्रशासन झूठ बोलकर घिरता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जहां यह प्रकरण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक ले जाने का निर्णय लिया है, वहीं सपा विधान परिषद सदस्य हीरालाल यादव ने जिला प्रशासन की भूमिका की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस मामले को वे आगामी दिनों में शुरू होने जा रहे सदन में जोर शोर से उठाएंगे। साथ ही कहा कि यदि सफाई कर्मचारी के ड्यूटी पर होने के बावजूद झूठ बोलने वाले अधिकारियों को सरकार दंडित नहीं करती तो सदन में सवाल उठाने से पहले जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव भी होगा।
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इस बीच घटना के तीसरे दिन तक प्रशासन के पास इस तथ्य का कोई जवाब नहीं कि दिवंगत सफाई कर्मी यदि ड्यूटी पर नहीं था तो उसके पास सक्षम अधिकारी का हस्ताक्षर युक्त मुख्यमंत्री ड्यूटी पास कैसे मौजूद था।
दो दिन पहले मुख्यमंत्री की जलालपुर में आयोजित सभा के दौरान सफाई कर्मी सुरेश कन्नौजिया की मौत मामले में जिला प्रशासन अपने ही जाल में बुरे फंस गया है। एक तरफ जहां सफाई कर्मचारी संगठन से लेकर सहयोगी सफाई कर्मचारी सुरेश की मौत मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर आने के बाद हुई भगदड़ में बता रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे छत से गिरकर हादसा होने का दावा कर रहा है।
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जिला प्रशासन का यह झूठ वीडियो के माध्यम से वायरल होने के बाद अब प्रशासन की घेराबंदी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें इसलिए बढ़ने वाली हैं क्योंकि विधान परिषद सदस्य हीरालाल यादव ने पूरे प्रकरण को सदन में उठाने का एलान कर दिया है। कहा कि सफाई कर्मचारी की मौत मामले में जिला प्रशासन जिस तरह बडठ बोल रहा, वह शर्मनाक है। सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर था। उसका ड्यूटी पास भी मौके से मिला, इसके बावजूद जिस तरह डीएम झूठ बोल रहे। उससे उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित परिवार को यदि 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी व झूठ बोलने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जल्द ही डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। साथ ही 2 अक्तूबर से शुरू होने वाले सदन में यह प्रकरण पार्टी जोर शोर से उठाएगी।
उधर मानवाधिकार के लिए जिले में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की सभा के दौरान सफाई कर्मी की मौत मामले में जिला प्रशासन का रवैया अत्यन्त निन्दनीय व चिंताजनक है। जिला प्रशासन ने झूठ बोलकर एक जिम्मेदार कर्मचारी की मौत को जिस तरह मजाक बनाने का प्रयास किया, उसके लिए ही यह पूरा प्रकरण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास ले जाया जाएगा। इस बीच सफाई कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष शिवकुमार मौर्य ने कहा कि हम सबके साथी कर्मचारी ने मुख्यमंत्री की ड्यूटी में रहते हुए अपनी जान गवां दी, लेकिन प्रशासन उसे ड्यूटी पर न बताकर अत्यन्त अनुचित कार्य कर रहा है।
घटना के तीसरे दिन एडीएम अमरनाथ राय ने दोहराया कि दिवंगत सफाई कर्मचारी सुरेश कन्नौजिया मुख्यमंत्री की ड्यूटी में तैनात नहीं था। न ही उसकी मौत किसी भगदड़ में हुई है। प्रशासन की पूरी संवेदना परिवार के साथ है। नियमानुसार आश्रित को नौकरी देने की तैयारी की जा रही है।
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