अंबेडकरनगर। पंचायत चुनाव में चरित्र प्रमाणपत्र की कोई आवश्यकता नहीं है, इसके बावजूद प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में प्रमाणपत्र के लिए दावेदारों व उनके प्रतिनिधियों की भीड़ जुट रही है। गुरुवार को बड़ी संख्या में चरित्र प्रमाणपत्र के लिए दावेदार व उनके प्रतिनिधि पुलिस लाइन स्थित कार्यालय पहुंचे। इसके लिए लंबी लाइन दिखी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का तनिक भी पालन होता नजर नहीं आया। इसके अलावा अदेय प्रमाणपत्र के लिए भी जिला पंचायत कार्यालय में आपाधापी का माहौल दिखा।
पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के लिए होने वाले नामांकन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 17 व 18 अप्रैल को होने वाले नामांकन को देखते हुए विभिन्न पदों पर किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतरे दावेदारों में चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने की होड़ मच गई है। कहीं चरित्र प्रमाणपत्र के बगैर नामांकन रद्द न हो जाए, इसके लिए गुरुवार को बड़ी संख्या में दावेदार व उनके प्रतिनिधि पुलिस लाइन स्थित कार्यालय पहुंचकर लाइन में लग गए। सुबह से ही प्रमाणपत्र के लिए दावेदारों व उनके प्रतिनिधियों का पुलिस लाइन स्थित कार्यालय पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। एक साथ बड़ी संख्या में दावेदारों व प्रतिनिधियों के पहुंचने के चलते लंबी लाइन लग गई।
बड़ी संख्या में दावेदारों व प्रतिनिधियों के पहुंचने से गुरुवार को पुलिस लाइन में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखीं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की सुध इस दौरान जिम्मेदारों को नहीं रही। बताते चलें कि नामांकन के लिए चरित्र प्रमाणपत्र की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसके बाद भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में दावेदार व उनके प्रतिनिधि चरित्र प्रमाणपत्र के लिए संबंधित कार्यालय पहुंच रहे हैं। उधर, अदेय प्रमाणपत्र के लिए भी बड़ी संख्या में दावेदार व उनके प्रतिनिधि जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे।
नहीं है चरित्र प्रमाणपत्र की जरूरत
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर विभिन्न पदों के लिए होने वाले नामांकन के लिए चरित्र प्रमाणपत्र की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लेकर दावेदारों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
- डॉ. महेशचंद्र द्विवेदी, सहायक निर्वाचन अधिकारी