अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में बैंक कर्मी की हत्या में शामिल एक लाख के इनामी बदमाश लक्ष्मण यादव को आजमगढ़ पुलिस ने अंबेडकरनगर जिले की सीमा के पास मुठभेड़ में ढेर कर दिया। अंबेडकरनगर पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार घेराबंदी में जुटी थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अंबेडकरनगर पुलिस ने भी लक्ष्मण की घेराबंदी की, लेकिन वह आजमगढ़ सीमा में पहुंच गया। उधर, आजमगढ़ पुलिस भी मुखबिर की सूचना पर सक्रिय थी, जिसने बदमाश को मार गिराया।
10 सितंबर को राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई थी, जब चोरमरा कमालपुर गांव निवासी रवींद्र नाथ सिंह को बदमाशों ने उनके घर के सामने गोली मार दी थी। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की दुल्हूपुर शाखा में कैशियर के पद पर कार्यरत रवींद्र की बाद में उसी दिन मौत हो गई थी। बदमाशों ने घटना को अंजाम देने के बाद भागते समय पदुमपुर बाजार पहुंचकर निजी चिकित्सक डॉ. लक्ष्मीकांत यादव को भी गोली मार दी थी। उन्हें गंभीर दशा में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
दोनों मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी। शूटर के तौर पर आजमगढ़ निवासी दो शातिर बदमाश लक्ष्मण यादव व सुनील यादव सामने आए थे, जबकि कई अन्य लोग साजिश रचने में नामजद हुए थे। दोनों शातिर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अंबेडकरनगर के साथ ही आजमगढ़ जनपद की पुलिस टीम भी लगी हुई थी। पचास हजार के इनामी बदमाश सुनील ने बीते दिनों आजमगढ़ न्यायालय में एक पुराने मामले में सरेंडर कर जेल की राह पकड़ ली थी, जबकि लक्ष्मण फरार चल रहा था।
उस पर पचास हजार का इनाम पहले से था, जिसे बढ़ाकर एक लाख करने का प्रस्ताव अंबेडकरनगर पुलिस ने भेजा था। बताया जाता है कि लक्ष्मण को पकड़ने के लिए एसटीएफ भी सक्रिय थी। अंबेडकरनगर की स्वाट टीम के साथ ही राजेसुल्तानपुर व दो विशेष टीमें बनाकर लक्ष्मण की घेराबंदी की जा रही थी। इस बीच नौ अक्तूबर की देर रात पुलिस को मुखबिर से लक्ष्मण के राजेसुल्तानपुर में होने की खबर मिली।
घेराबंदी के लिए फौरन एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र ने टीमों को रवाना कर दिया। चार अलग अलग टीम ने राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर सघन छापामारी की। इसके बाद पुलिस का रुख आजमगढ़ बॉर्डर की तरफ हुआ। पुलिस लक्ष्मण तक पहुंच पाती तब तक वह आजमगढ़ जिले की ओर बढ़ गया। आजमगढ़ पुलिस भी मुखबिर की सूचना पर सक्रिय थी। पुलिस के अनुसार उसे पकड़ने का प्रयास किया गया तो उसने फायर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से उसकी मौत हो गई।