आठ वध प्रतिबंधित पशुओं से लदी पिकअप को अकबरपुर थाना अंतर्गत न्यौतरिया गांव के निकट ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। चार पशु तस्करों को ग्रामीणों ने पकड़कर उनकी जमकर पिटाई की। सूचना पर पहुंची पुलिस चारों आरोपियों समेत पशुओं से लदी पिकअप को थाने ले आई। इसके बाद चारों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।
आठ मवेशियों में से तीन की पिकअप में ही मौत हो गई थी। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। सोमवार भोर में वध प्रतिबंधित पशुओं से लदी पिकअप फैजाबाद से अकबरपुर होती हुई आजमगढ़ की तरफ जा रही थी।
अकबरपुर थाना अंतर्गत न्यौतरिया गांव के निकट पिकअप से पशुओं की आवाज सुनकर सड़क के किनारे दुकानों पर सो रहे ग्रामीणों की आंख खुल गई। इस पर ग्रामीणों ने गुहार मचा दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पिकअप को रोक लिया।
इससे पहले कि पिकअप पर सवार लोग भागते, ग्रामीणों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। ग्रामीण पिकअप के अंदर का दृश्य देखकर सन्न रह गए। आठ वध प्रतिबंधित पशुओं को क्रूरतापूर्वक बांधा गया था। इनमें से तीन की मौत हो चुकी थी। यह देख ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने आरोपियों की पिटाई शुरू कर दी।
इस बीच सूचना मिलने पर एसओ महेंद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और उन्हें अपनी अभिरक्षा में ले लिया। साथ ही चारों आरोपियों समेत पशुओं से लदी पिकअप थाने ले आई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोनू पुत्र कालीप्रसाद निवासी इनायतनगर फैजाबाद, रमजान पुत्र रज्जब अली निवासी झूले का पूरा शाहगंज जौनपुर, श्रवण पुत्र मुन्ना निवासी कुचेरा बाजार इनायतनगर फैजाबाद व रईस पुत्र जलालू निवासी मीरानपुर अकबरपुर के रूप में हुई।
एसओ महेंद्र कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। उधर, घटना को लेकर ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त है।
उनका कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से ही जिले से होकर पशु तस्करी का कारोबार फल-फूल रहा है। कहा कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पशुओं से लदी पिकअप बिना रोक-टोक के अकबरपुर नगर से होती हुई आगे बढ़ गई।