बहुचर्चित ज्ञान सिंह उर्फ बेचन सिंह हत्याकांड का खुलासा कर एसटीएफ व अंबेडकरनगर पुलिस ने गुरुवार को दो शूटरों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने पिस्टल समेत एक तमंचा, तीन अदद मैगजीन व 6 जिंदा कारतूस के साथ एक बाइक बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल लिया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें विपक्षियों ने बेचन की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर चालान कर दिया। इस हत्याकांड में अब तक पुलिस पांच नामजद समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसटीएफ की मानें तो बीते दिनों अंबेडकरनगर के बेवाना से गिरफ्तार किए गए तीन बदमाशों ने बेचन सिंह हत्याकांड के शूटरों का सुराग दिया था। उसके बाद कार्रवाई की गई। 26 जून को आलापुर थाना अंतर्गत मसेना मिर्जापुर गांव निवासी बेचन सिंह की रामनगर बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने मामले में पांच आरोपी अच्छेलाल, गंगाराम, सुनील, पंकज व रमाकांत को पहले ही गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एसपी अंबेडकरनगर ने एसटीएफ से मदद मांगी थी। तभी से एसटीएफ सर्विलांस व मुखबिरों के जरिए सक्रिय थी।
18 अगस्त को एसटीएफ व अंबेडकरनगर पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे तीन बदमाश छोटू, रमेश और राहुल को गिरफ्तार किया था। जबकि दो भागने में सफल रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फरार दोनों बदमाश बेचन सिंह की हत्या के आरोपी हैं।
इस जानकारी पर एसटीएफ और अंबेडकरनगर क्राइम ब्रांच और आलापुर पुलिस की टीम सक्रिय हुई और गुरुवार को आलापुर थाना अंतर्गत चहोड़ाघाट के पास प्राथमिक विद्यालय लखीमपुर के पास दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रोहित गुप्ता उर्फ राजन पुत्र नंदलाल गुप्ता निवासी सिविल लाइन कोतवाली जनपद आजमगढ़ व शहनवाज कुरैशी पुत्र रुस्तम कुरैशी निवासी जयराजपुर थाना बिलरियागंज जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई।
इनमें से शहनवाज के विरुद्ध आजमगढ़ में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। बेचन सिंह की हत्या आरोपियों को दबोचने में एसटीएफ निरीक्षक अंजनी कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक प्रेमसागर, एसओ आलापुर शिव नरायन भगत, क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक संजय सिंह व उपनिरीक्षक मनोज सिंह, कांस्टेबल एसटीएफ प्रभाकर पांडेय आदि शामिल रहे।