पशुओं के लिए चारा काटने जा रहे दो वृद्ध भाई गुरुवार सुबह विद्युत पोल के स्टे वायर में उतरे करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर मौत हो गई। इस हादसे से नाराज ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन के एसडीओ को घेरकर हंगामा किया और मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये तत्काल सहायता देने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
उच्चाधिकारियों से बात कर एसडीओ ने 20 हजार रुपये तत्काल देने के साथ ही अन्य सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। इस पर एक घंटे बाद हंगामा शांत हुआ। सूचना पर भीटी एसडीएम व सीओ भी छानबीन करने पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
क्षेत्र में ग्राम वीरसिंहपुर सरैया निवासी झमई उर्फ झामू (76) व उनके भाई रमई उर्फ रामू (78) गुरुवार सुबह आठ बजे पशुओं के चारा लेने खेत की तरफ जा रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक गांव से कुछ सड़क किनारे स्थित विद्युत पोल के स्टे केबल से रमई का हाथ छू गया। उस तार में करंट आ रहा था जिसकी चपेट में आने पर रमई ने मदद के लिए शोर मचाया।
गुहार पर उसे बचाने पहुंचे झमई भी करंट का शिकार हो गया। दोनों की चीख पुकार पर इर्दगिर्द के लोग वहां पहुंचे। लाठी-डंडे से दोनों को करंट से बचाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाए कुछ देर में ही दोनों भाइयों की मौत हो गई।
एक साथ दो सगे भाइयों की करंट की चपेट में आने से हुई मौत से गांव में सनसनी फैल गई। कुछ ही देर में परिवारीजनों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना पर एसडीएम राजमुनि यादव व सीओ अमर बहादुर पहुंचे। पुलिस अपनी कार्रवाई कर ही रही थी कि पावर कॉर्पोरेशन के एसडीओ उपेंद्र पटेल भी वहां पहुंच गए।
ग्रामीणों ने एसडीएम को घेर लिया और मार्ग जाम कर कर दिया। वह पीड़ित परिवार को लाख रुपये सहायता देने की मांग कर रहे थे। एसडीएम के समझाने ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सहायता राशि नहीं दी जाती और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती तब तक एसडीओ को जाने नहीं दिया जाएगा।
एसडीओ ने उच्चाधिकारियों से बात कर 20 हजार रुपये पीड़ित परिवार के सदस्यों को दिए और अन्य सहायता देने व जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर एक घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।