पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि दो बार थाने जाने के बाद भी प्राथमिकी नहीं दर्ज की गई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए दो थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। बाद में एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंचकर वहीं एफआईआर की कापी दिलवाई। तब जाकर डेढ़ घंटे बाद मार्ग जाम समाप्त हो सका।
मालूम हो कि बुधवार सुबह मालीपुर थाना क्षेत्र के कांदीपुर गांव निवासी मनीराम (25) पुत्र रामकुबेर बाइक द्वारा कुर्कीबाजार से अपने गांव आते समय सम्मनपुर थाना क्षेत्र के दरबरपुर गांव के निकट एक वाहन की टक्कर लगने से घायल हो गया था।
उसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। बाद में सम्मनपुर पुलिस ने शव को अभिरक्षा में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
परिवारीजनों ने अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज करने के लिए तहरीर बुुधवार को ही दी थी। परिवारीजनों के मुताबिक एसओ ने उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि दोपहर बाद प्राथमिकी की कॉपी उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी। आरोप है कि जब शाम को वे एफआईआर की कॉपी लेने गए, तो उन्हें गुरुवार सुबह आने के लिए कहा।
इससे ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया। उन्होंने युवक का शव अकबरपुर जलालपुर मार्ग पर कांदीपुर मोड़ के निकट रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि प्राथमिकी की कॉपी लेने के लिए परिजन दो बार थाने गए, लेकिन केस न दर्ज होने के चलते उन्हें लौटा दिया गया।
जाम की जानकारी मिलते ही जलालपुर एसओ एनके पाण्डेय व सम्मनपुर थानाध्यक्ष त्रिभुवन वर्मा पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
बाद में एसडीएम विवेक मिश्र व सीओ ओंकार सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिवारीजनों को तत्काल एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराई। इस पर डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त हो गया। उधर जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। इससे यात्रियों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।