चालक ने फौरन वाहन को मोड़ कर बसपा कार्यालय पहुंचाया। हंगामा के बाद सपाई बसपा कार्यालय की तरफ चल पड़े। इस पर वहां मौजूद बसपा कार्यकर्ता भी मुकाबले के लिए बाहर आ गए। इसी बीच डीएम व एसपी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ दिया।
इस दौरान पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस के बल प्रयोग के दौरान एक महिला सपा कार्यकर्ता के घायल होने का आरोप लगाते हुए सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मार्ग भी जाम किया। प्रशासन ने जबरन महिला को वहां से उठाकर इलाज के लिए भेजा।
बाद में किसी तरह कड़ी सुरक्षा के बीच बसपा प्रत्याशी का नामांकन कराया गया। देर शाम तक डीएम व एसपी ब्लॉक में ही बने रहे। घटना को लेकर आलापुर कोतवाल की तरफ से केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
रामनगर ब्लॉक प्रमुख चुनाव में नामांकन को लेकर शुक्रवार को सत्तारूढ़ दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सत्ता की हनक में जमकर अराजकता की। दोपहर को ब्लॉक प्रमुख पद की सपा प्रत्याशी संगीता नामांकन के लिए ब्लॉक परिसर के अंदर पहुंची। वहां उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
इसके बाद उनके साथ गए लोग वहां रुक गए। कुछ देर बाद बसपा समर्थित प्रत्याशी इन्द्रावती नामांकन करने के लिए ब्लॉक परिसर पहुंची तो अंदर मौजूद सपा नेताओं ने उनसे नामांकन पत्र छीन लिया और उसे जला दिया। इस पर वहां हंगामा हो गया। जानकारी मिलते ही एसडीए रमापति व सीओ ओंकार सिंह मौके पर पहुंचे और अन्दर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं को बाहर निकाला।
बताया जाता है कि कुछ कार्यकर्ता चारदीवारी कूदकर भाग निकले। बसपा प्रत्याशी इन्द्रावती इसी बीच वापस बसपा कार्यालय लौट आयी। बसपा कार्यकर्ताओं में इससे आक्रोश फैल गया। इसी बीच दोनों तरफ से पत्थरबाजी श्रुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख जिला मुख्यालय से एडीएम रामसूरत पांडेय व एएसपी राहुल राज मौके पर पहुंचे।
वहां ब्लॉक परिसर के बाहर उन्हें सपा विधायक भीमप्रसाद सोनकर व अन्य सपा नेता मिल गए। बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकला तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद भीड़ को हटा कर बसपा प्रत्याशी इन्द्रावती पत्नी वंशराज को नामांकन के लिए बुलाया गया।
जीप पर सवार होकर इन्द्रावती नामांकन के लिए ब्लॉक कार्यालय के मोड़ पर पहुंची ही थीं कि सपा कार्यकर्ताओं ने ईंट -पत्थर व लाठी डंडे से उनकी जीप पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए चालक ने वाहन मोड़कर प्रत्याशी समेत बसपा कार्यालय लौट आया।
सपा कार्यकर्ता बसपा कार्यालय की तरफ बढ़े तो स्थिति विस्फोटक होने लगी। बसपा कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी मोर्चा संभाल लिया। तब तक डीएम विवेक व एसपी अजय सिंह भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बल प्रयोग शुरु कर भीड़ को तितर बितर करना शुरू कर दिया। आंसू गैस के गोले भी बड़े पैमाने पर छोडे़े गए।
हवाई फायरिंग भी पुलिस द्वारा किए जाने की खबर है। अराजकता पर उतारु लोगों को हटाए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच बसपा प्रत्याशी को उनके कार्यालय से ब्लाक लाया गया, और नामांकन कराया गया। बसपा प्रत्याशी का जब नामांकन हो रहा था तो उसी बीच सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बल प्रयोग में एक महिला जाहिरा (52) वर्ष का सिर फट जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
एम व एसपी ने जाम खत्म कर महिला का इलाज करवाने को कहा, लेकिन सपा कार्यकर्ता दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग पर अड़े थे। समझाने बुझाने का भी जब कोई असर नहीं हुआ तो घायल महिला को जबरन महिला पुलिस के साथ इलाज के लिए सीएचसी भेजा गया, और सपाइयों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा।