थाना क्षेत्र अंतर्गत अकबेलपुर गांव स्थित नहर के पास गुरुवार भोर बेखौफ सशस्त्र बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियों से भूनकर माफिया खान मुबारक के साथी आलमशेर उर्फ शेरू (32) की हत्या कर दी। सनसनीखेज हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। पुलिस की मानें तो मृतक के शरीर पर गोलियों के 13 निशान पाए गए हैं।
मौके से पुलिस को प्रतिबंधित बोर के 7 खाली कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर बसपा नेता समेत चार पर हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गैंगवार के चलते शेरू की हत्या की गई है। मृतक के गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी व पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार नसीराबाद गांव निवासी आलमशेर उर्फ शेरू पुत्र मजीद खां कई दिनों से बाहर रह रहा था। चाचा के निधन की सूचना पर वह गुरुवार भोर गांव के लिए बाइक से निकला था। वह हंसवर थाना क्षेत्र के अकबेलपुर गांव के पास शारदा सहायक नहर पहुंचा ही था कि तभी वहां पहले से घात लगाए बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायर कर दिया। खून से लथपथ बाइक समेत वह जमीन पर गिर गया।
शेरू को मृत देख हमलावर मौके से भाग खड़े हुए। शेरू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गुरुवार सुबह जब गांव के लोग नित्यक्रिया के लिए नहर की तरफ गए तो वहां शव पड़ा देख उनमें सनसनी फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना पर एएसपी राहुलराज व सीओ टांडा सुधीर कुमार व एसओ हंसवर ध्रुवचंद्र मौर्य दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया।
ग्रामीणों ने शव की शिनाख्त की। एसओ की मानें तो मृतक के शरीर पर गोलियों के 13 निशान मिले हैं। घटना स्थल से प्रतिबंधित बोर के 7 खाली कारतूस भी मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ का कहना है कि शेरू की हत्या गैंगवार का नतीजा है। शेरू माफिया खान मुबारक का करीबी साथी है।
हंसवर थाना क्षेत्र निवासी बसपा नेता जुर्गाम मेंहदी व खान मुबारक के बीच लंबे समय से तनातनी चली आ रही है। मृतक के पिता मजीद खां ने बसपा नेता जुर्गाम मेंहदी, उनके भाई एहतेराम मेंहदी, बेटे मोहम्मद आरिफ उर्फ फरमान व चालक गुमनीत यादव निवासी नसीरामबाद थाना हंसवर के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस ने चारों पर केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस की मानें तो शेरू की हत्या के बाद क्षेत्र में गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। दरअसल, वारदात को गैंगवार का परिणाम माना जा रहा है। शेरू हंसवर क्षेत्र निवासी माफिया सरगना खान मुबारक का करीबी था। गौरतलब है कि हंसवर थाना क्षेत्र निवासी बसपा नेता जुर्गाम मेंहदी व खान मुबारक के बीच लंबे समय से तनातनी चली आ रही है।
खान मुबारक के भाई माफिया जफर सुपारी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में जुर्गाम को मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले जुर्गाम पर ताबड़तोड़ गोलियों से हमला हुआ था जिसमें खान भाइयों का ही हाथ माना गया था। अब इस नए घटनाक्रम को भी गैंगवार से जोड़ा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पांच दिन पूर्व ही जुर्गाम मेंहदी के पुत्र व चालक पर भी जानलेवा हमला हुआ था।
अब शेरू की हत्या के बाद बड़े गैंगवार की आशंका जताई जा रही है। मजीद खां के मुताबिक उन्होंने पूर्व में एक तहरीर पुलिस को दी थी, जिसमें कहा था कि जुर्गाम व उनके सहयोगियों ने उनके घर पर हमला व तोड़फोड़ किया था। इस आशय को लेकर दी गई तहरीर पर न तो कोई केस दर्ज हुआ और न ही किसी अन्य तरह की कार्रवाई तय की गई।
यदि उस समय ही पुलिस ने उस पर कार्रवाई की होती तो इस घटना को रोका जा सकता था। एएसपी ने कहा कि इस मामले को दिखवाया जाएगा कि क्या ऐसी कोई तहरीर पड़ी भी थी या नहीं। अपर पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने बताया कि हंसवर थाना क्षेत्र में हुई वारदात दो गैंग की आपसी प्रतिद्वंद्धिता का ही परिणाम है। अब दोनों गैंग के एक-एक सदस्यों के विरुद्घ कठोरतम कार्रवाई तय की जाएगी।
इसके लिए दोनों गैंग के सदस्यों पर कार्रवाई के लिए नए सिरे से सूचीबद्ध किया जा रहा है। ऐसा इसलिए, जिससे कि कोई भी सक्रिय सदस्य न बचने पाए, जो इस तरह की किसी घटना को आगे अंजाम दे सके। हत्या में नामजद केस दर्ज कराकर आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।