इसके बाद अकबरपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया गया। लगभग दो घंटे तक जबरदस्त नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए पत्रकार की पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवारीजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के साथ ही घटना में शामिल आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की गई।
इस दौरान मौक पर कई थानों की फोर्स और पीएसी तैनात रही। मार्ग जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की कतारे लग गईं। वाहनों को मार्ग डायवर्जन कर निकाला गया। उधर टांडा व आलापुर तहसील मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे गए।
पत्रकार करुण मिश्र हत्याकांड को लेकर शनिवार को जिला मुख्यालय पर आक्रश भड़क उठा लोग सड़कों पर उतर आए। इसके साथ ही तहसील स्तर पर भी प्रदर्शन किए गए। पत्रकारों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने कलेक्ट्रेट के निकट धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।
प्रेस क्लब के बैनर तले एकजुट हुए लोगों ने पटेलनगर तिराहा के निकट भी जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना, जिला बार एसोसिएशन, अपना दल, भारतीय किसान यूनियन सहित कई अन्य संगठन शामिल रहे। इस मौके पर शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि करुण मिश्र की हत्या समाज के चौथे स्तंभ पर करारी चोट है।
उन्होंने घटना का अविलंब खुलासा किए जाने, परिवारीजनों को 50 लाख रुपये की सहायता दिए जाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि दोपहर तक मांगे पूरी नहीं होती मार्ग जाम किया जाएगा। निर्धारित समय तक कोई कोई कार्रवाई न होने पर सबी लोगों ने अकबरपुर आजमगढ़ मार्ग जाम कर दिया।
सभी ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि अब आरपार का संघर्ष किया जाएगा। तीन बजे के बाद मौके पर पहुंचे डीएम विवेक व एसपी अजय सिंह ने पत्रकारों से मिलकर करुण हत्याकांड पर दुख जताया। डीएम ने पत्रकारों से कहा कि वे प्रयास करेंगे कि करुण की पत्नी को नौकरी मिल जाए।
परिवार की जो दशा है, उसमें नौकरी मिलना जायज प्रतीत होता है। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर गंभीर हैं। उनकी व्यक्तिगत रुचि के चलते ही प्रकरण की विवेचना अत्यंत तेजी से आगे बढ़ रही है। डीएम के आश्वासन के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ और इसके बाद सभी ने ज्ञापन सौंपा। इसके बाद मार्ग जाम समाप्त कर दिया गया।