मालूम हो कि गत 24 फरवरी की रात शहर के शहजादपुर पंडाटोला मोहल्ले में गृहस्वामी राजेश त्रिपाठी, उनकी पत्नी मंजू व इकलौते बेटे आयुष की संदिग्ध हालात में जलकर मौत हो गई थी।
पुलिस व अन्य लोग जब मौके पर पहुंचे तो वहां सिर्फ कंकाल ही शेष बचे थे। पुलिस ने इसे विद्युत शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा मानकर चुप बैठ गई थी। उधर आम लोग इसे योजनाबद्घ ढंग से की गई हत्या मान रहे थे।
इस बीच अरुणिमा सिन्हा ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए इसमें किसी साजिश की आशंका है। बताया कि प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। अरुणिमा ने बताया कि एसपी को मामले में समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं । मामले में गहन छानबीन सुनिश्चित करने के कहा गया है।
इसके अलावा अरुणिमा ने बीते दिनों अपने घर में हुई लाखों की चोरी का मामला भी उठाया। सीएम ने इस मामले को भी अविलंब पर्दाफाश करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाते ही हरकत में आई पुलिस ने घटना के 4 दिन बाद पंडाटोला पहुंचकर उस घर को बाहर से भी सील कर दिया जहां तीनों लोगों की जलकर मौत हुई थी।
घटना के बाद परिवारीजनों ने अकबरपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर मामले में अज्ञात द्वारा हत्या की घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इसमें कहा गया था कि पुलिस मामले की फारेंसिक जांच कर हत्या का केस दर्ज करे। अकबरपुर कोतवाल महेंद्र ने बताया कि जिस कमरे में घटना हुई थी, उसे तो पहले ही सील कर दिया गया था, जबकि अब बाहरी दरवाजे को भी सील किया गया है।