दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक वीके जायसवाल ने पति, ससुर एवं सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
थाना क्षेत्र जलालपुर के पश्चिम तरफ मोहल्ला निवासी मोहम्मद तौफीक ने अकबरपुर कोतवाली में वर्ष 2011 में दर्ज कराई प्राथमिकी के जरिये कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री सलमा बानो का विवाह लगभग छह वर्ष पूर्व अकबरपुर निवासी अतीक के साथ किया था। उनकी पुत्री को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा।
बाइक खरीदने के लिए उन्होंने 30 हजार रुपये भी दिए लेकिन कहा गया कि इतने में बाइक नहीं मिलेगी। 7 जून को सलमा को उनके ससुराल वालों ने जमकर मारापीटा और घर से बाहर निकल जाने को कहा जब वह नहीं निकली तो उसे मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया।
जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पति समेत कुल पांच लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया। यह मामला अब सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक वीके जासयसवाल ने मामले को अत्यंत गंभीर प्रकृति का पाया।
कहा कि मिट्टी का तेल छिड़कर जलाने के कारण महिला को 36 घंटे तक जीवन व मौत से जूझना पड़ा। यह कृत्य क्षोभ पैदा करने वाला है। न्यायाधीश ने पति अतीक, ससुर इशहाक व सास हमीदुलनिशा को इस पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ननद शबाना व शबनम को संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया गया।