बहुचर्चित केरे सिंह हत्याकांड में उच्च न्यायालय लखनऊ खंड पीठ ने बसपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ कक्कू समेत चार आरोपियों को बरी कर दिया है। चारों आरोपियों को इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
इस मामले में कक्कू के बड़े भाई व पूर्व विधायक पवन पाण्डेय व एक अन्य के विरुद्घ हत्या की साजिश रचने का नामजद केस दर्ज कराया गया था। हालांकि जनपद न्यायालय से ही यह दोनों आरोपी पहले ही बरी हो गए थे।
कक्कू सुल्तानपुर जिले के इसौली विधानसभा क्षेत्र सीट से बसपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। गौरतलब है कि 23 जुलाई 2004 को जिला मुख्यालय पर युवा ठेकेदार केरे सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।केरे के बड़े भाई संजीव सिंह ने कोतवाली अकबरपुर में केस दर्ज कराया था।
सभी आरोपियों के जेल जाने तथा न्यायिक प्रक्रिया के बीच पूर्व विधायक पवन पाण्डेय व एक अन्य आरोपी विपिन मिश्र को साजिश रचने के आरोप से तो बरी कर दिया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी कक्कू पाण्डेय, मनोज तिवारी, गुड्डू गौड़ उर्फ हरिकृष्ण गौड़ व राजन गौड़ को 14 दिसंबर 2012 को अपर जनपद न्यायाधीश संजय गोयल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बाद चारों आरोपी फैजाबाद मंडल कारागार में निरुद्घ किए गए थे। जनपद न्यायालय के फैसले के विरुद्घ वर्ष 2013 में कक्कू पाण्डेय की तरफ से उच्च न्यायालय में अपील की गई।
लंबी सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति विक्रम सिंह राठौर व अनन्त कुमार की पीठ ने चारों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले में कुल 32 पेज का फैसला बीती 8 अप्रैल को सामने आया।