अकबरपुर कोतवाली अंतर्गत पण्डाटोला में हुई ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री मामले की जांच करने के लिए बुधवार को लखनऊ से फाॅरेंसिक टीम यहां पहुंची। घटनास्थल की गहनता से छानबीन करते हुए कई नमूने लिए और इसके बाद वापस लखनऊ चली गई।
लंबी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर रखा है। बीते एक माह पूर्व पण्डाटोला निवासी राजेश तिवारी, उनकी पत्नी मंजू व युव पुत्र शुभम की जलकर मौत हो गई थी। पुलिस शुरुआत से इसे शॉर्ट सर्किट के चलते लगी आग से हुई घटना मानकर चल रही थी।
हालांकि परिस्थितियां किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही थीं। आमतौर पर लोग इसे हत्या का ही मामला मानकर चल रहे थे। जिले की इस सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री के प्रति पुलिस के रवैये को लेकर तरह तरह के सवाल खड़े होने लगे थे।
बाद में मृतक के रिश्तेदार हृदेश त्रिपाठी ने दंपती व उसके पुत्र की हत्या किए जाने संबंधित तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की। इसके अलावा पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद हरकत में आई पुलिस ने केस दर्ज करते हुए फोरेंसिक जांच कराए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा। साथ ही घटना वाले घर को सील कर दिया। हालांकि फोरेंसिक टीम के न आने से भी पुलिस की दिलचस्पी को लेकर तमाम सवालिया निशान खड़े हो रहे थे।
इस बीच बुधवार को लखनऊ से चार सदस्यीय टीम अकबरपुर पहुंची। टीम कोतवाल महेंद्र कुमार के साथ पण्डाटोला पहुंची और सील तोड़कर घर के अंदर कोने कोने की गहनता से जांच की। घटना वाले कमरे व अन्य कमरों समेत सीढ़ी आदि स्थानों से मिट्टी व अन्य कई सामानों के नमूने लिए।
लगभग तीन घंटे तक छानबीन करने के बाद टीम वापस लखनऊ चली गई। टीम के जांच दौरान मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इससे पहले मृत मंजू की भाभी अनामिका मिश्रा ने दो दिन पूर्व फैजाबाद में डीआईजी से मिलकर फोरेंसिक टीम न आने की शिकायत की थी। इसके बाद ही यह टीम बुधवार को यहां पहुंची।