दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने पति दानबहादुर समेत तीन दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
आजमगढ़ जनपद के अहिरौला सूखीपुर की रहने वाली सुशीला देवी ने वर्ष 2013 में जैतपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रतना निवासी दानबहादुर के साथ किया था।
आरोप लगाया कि लगभग सात वर्ष बाद दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में पति समेत अन्य आरोपियों के विरुद्घ दहेज हत्या का केस दर्ज किया। इसी मामले में अब सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय सुनील कुमार ने पति दानबहादुर के अलावा दो अन्य परिवारीजनों वीरबहादुर व रामदुलारी को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीनों अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।