इससे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया है। मासूम की मौत के बाद इंजेक्शन लगाने वाला चिकित्सक वहां से भाग खड़ा हुआ। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक पूछताछ की।
जानकारी के मुताबिक टांडा कोतवाली अंतर्गत पियारेपुर गांव निवासी दिनेश का पुत्र शेखर (5) शुक्रवार देर सायं रिक्शे से गिरकर घायल हो गया था। परिवारीजनों के अनुसार वे उसे लेकर रात लगभग साढ़े नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उसका इलाज शुरू हुआ। बताया जाता है कि उसे एक इंजेक्शन लगाया गया।
जैसे ही उसे इंजेक्शन लगा, उसके कुछ ही देर बाद ही उसकी मौत हो गई। इससे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवारीजन डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उस पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बीच घटना के बाद संबंधित चिकित्सक अस्पताल से चला गया।
बाद में सूचना मिलने पर अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने रात में ही अस्पताल पहुंचकर आवश्यक पूछताछ की। बाद में परिवारीजन शव को लेकर घर चले गए। कोतवाल महेंद्र ने बताया कि सूचना मिलने पर अस्पताल जाकर छानबीन की गई थी। सब कुछ सामान्य पाया गया। मामले में परिवारीजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
उधर प्रभारी सीएमएस सीएस पांडेय ने बताया कि बच्चे की मौत हेड इंजरी की वजह से हुई थी। बच्चे की मौत के बाद चिकित्सकों व कर्मचारियों के मौके से हट जाने की खबर सही नहीं है। उसे दर्द का इंजेक्शन दिया गया था।