विभिन्न मामलों में गड़बड़ी उजागर करने के लिए अक्सर आरटीआई मांगते रहने वाले शाहिद मुनीर छात्रवृत्ति घोटाले में फंस गए हैं। लोकायुक्त के निर्देश के बाद अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर शनिवार को उन पर आलापुर कोतवाली में केस दर्ज कर लिया गया।
गौरतलब है कि रामनगर विकास खंड के हुसेनपुर मुसलमान गांव निवासी डॉ. अनीस ने लोकायुक्त से गांव के ही शाहिद मुनीर सिद्दीकी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए फर्जी मदरसे का संचालन व छात्रवृत्ति गबन के मामले की शिकायत की थी। जांच बाद लोकायुक्त ने मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
केस दर्ज न होने पर अल्पसंख्यक कल्याण सचिव ने भी केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने प्रभारी डीएम नेहा प्रकाश के संज्ञान में मामला लाया। उन्होंने फौरन केस दर्ज कराने को कहा। इसी क्रम में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी मो. खालिद ने आलापुर में प्रबंधक शाहिद के विरुद्ध केस दर्ज कराया।
बताया कि वर्ष 2011-12 से हुसेनपुर मुसलमान में शेख वसालत पब्लिक स्कूल के नाम से मदरसे का संचालन मुनीर कर रहा था। जांच में मदरसा कहीं मिला ही नहीं जिसके चलते मदरसे की मान्यता रद्द कर दी गई थी। इसमें 171 स्टूडेंट्स के नाम पर 50 हजार की छात्रवृत्ति हड़पने का मामला है।
थानाध्यक्ष शिवनारायण भगत ने बताया कि शाहिद मुनीर सिद्दीकी के विरुद्ध मामला पंजीकृत कर लिया गया है । मुनीर अक्सर विभिन्न विभागों के भ्रष्टाचार को लेकर आरटीआई का इस्तेमाल करते रहे हैं। अब वे खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गए हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इंकार किया है।