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30 लाख के गबन में पूर्व प्रधान व सेक्रेटरी समेत चार पर केस

Tue, 25 Apr 2017 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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नकद - फोटो : अमर उजाला
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मनरेगा योजना के तहत 30 लाख रुपए से अधिक की धांधली मामले में भड़सारी ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान व सेक्रेटरी के अलावा दो अन्य कर्मचारियों के विरुद्घ डीएम के निर्देश पर इब्राहिमपुर थाने में केस दर्ज हुआ है। डीएम ने मामले की जल्द से जल्द विवेचना सुनिश्चित करने को भी कहा है। 
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उधर केस दर्ज होने से संबंधित आरोपियों व उनके परिवारीजनों में हड़कंप का माहौल है। मामला वर्ष 2013-14 का है। टांडा विकासखंड के भड़सारी ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत आए धन का दुरुपयोग करने का आरोप उसी समय कुछ ग्रामीणों ने लगाया था।

मनरेगा लोकपाल व बीडीओ की टीम द्वारा जांच हुई। रिपोर्ट भी सामने आई, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। कतिपय राजनैतिक दखल के चलते इस मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्घ कार्रवाई तय होने में हीलाहवाली होती रही, जबकि जांच में सामने आया कि तत्कालीन ग्राम प्रधान विद्यावती, ग्राम पंचायत सचिव विनोद कुमार, मनरेगा तकनीकी सहायक जितेन्द्र व रोजगार सेवक अरविन्द कुमार की मिलीभगत से 30 लाख 9 हजार 98 रुपए की हेराफेेरी की गई है।
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शिकायत में ग्रामीणों ने कहा था कि पुराने कार्यों को ही नया कार्य दिखाकर फर्जी मास्टर रोल के आधार पर धन आहरित कर लिया गया, और इसके बाद प्रधान समेत कर्मचारियों ने उसका बंदरबांट कर लिया। इस बीच प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर से इस मामले ने तूल पकड़ा।

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के संज्ञान में ग्रामीणों ने पूरा मामला लाया। ग्रामीणों ने आवश्यक रिपोर्ट तलब करने के बाद पाया कि मामले में केस दर्ज कराकर विवेचना कराए जाने की जरूरत है। इस पर उन्होंने सभी दोषियों के विरुद्घ केस दर्ज करने का निर्देश दिया।

इस क्रम में बीडीओ टांडा की तहरीर पर पूर्व प्रधान व सेक्रेटरी समेत दो अन्य कर्मचारियों के विरुद्घ इब्राहिमपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। एसडीएम टांडा नरेन्द्र सिंह ने आरोपियों के विरुद्घ केस दर्ज होने की पुष्टि की है।
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