थाना क्षेत्र अकबरपुर अंतर्गत बस स्टेशन क्षेत्र में पुलिस पिकेट से महज 100 दूर स्थित मोबाइल की दुकान के शटर का ताला तोड़कर चोरों ने 12 लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी गुरुवार सुबह होने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी है। उधर, चोरी की घटना से व्यवसायियों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि रात्रिगश्त को लेकर पुलिस द्वारा बरती जा रही लापरवाही के चलते ही चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अकबरपुर थाना क्षेत्र निवासी राजीव उपाध्याय की बस स्टेशन के निकट नरायन कम्युनिकेशन के नाम से दुकान है। इसे नगर की प्रतिष्ठित दुकानों में से एक माना जाता है। प्रतिदिन की तरह राजीव उर्फ फंटू बुधवार रात दुकान बंद कर घर चले गए।
गुरुवार को मार्निंग वाक के लिए निकले लोगों ने दुकान के शटर का ताला टूटा हुआ देखा तो किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने इसकी जानकारी दुकान मालिक को दी। मौके पर पहुंचे राजीव जब शटर उठाकर अंदर गए तो वहां का दृश्य देखकर वे सन्न रह गए। ज्यादातर मोबाइल सेट नदारद थे तो अन्य तमाम सामान भूमि पर चारों तरफ बिखरे पड़े थे।
चोरी की बड़ी घटना की जानकारी धीरे-धीरे समूचे नगर में फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। इस बीच जानकारी होने पर एसओ महेंद्र दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का गहनता से जायजा लिया। बाद में पीड़ित ने थाने में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
तहरीर के जरिये 32 हजार रुपये के 12 मोबाइल सेट, 10 हजार रुपये तक के 19 सेट, 20 हजार रुपये तक के 20 सेट, लगभग 50 हजार रुपये के चिप व पेन ड्राइव व लगभग तीन लाख रुपये के टॉप-अप बाउचर चोरी होने की जानकारी दी गई है। एसओ ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
उधर, पुलिस पिकेट से चंद कदम की दूरी पर हुई चोरी की बड़ी घटना से स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यवसायियों में पुलिस प्रशासन के प्रति कड़ी नाराजगी व्याप्त है। उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष दयाशंकर मद्धेशिया ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रात्रि गश्त को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है।
इसी का नतीजा है कि आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया।