महिला को पिस्टल से धमकाकर बंधक बनाने और दुष्कर्म करने के आरोपी जैतपुर के पूर्व एसओ मोहम्मद अरशद की जमानत अर्जी एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम तहसीलदार सिंह ने सोमवार को खारिज कर दी। गत दिनों ही आरोपी पूर्व एसओ ने कोर्ट में समर्पण किया था।
गौरतलब है कि आजमगढ़ जनपद की रहने वाली एक महिला का जैतपुर निवासी पति से विवाद चल रहा है। आरोप है कि उसी मामले में एक कागज देने के बहाने विगत माह जैतपुर के तत्कालीन एसओ अरशद सिद्दीकी ने उसे अकबरपुर बुलाया। एसओ उसे बाइक पर बैठाकर अपने कमरे पर ले गया और बंधक बना लिया।
पिस्टल से धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने अप्राकृतिक दुष्कर्म का भी आरोप लगाया। मामला उछलने पर एसओ बीमारी का हवाला देकर अवकाश पर चला गया। इस बीच उसे जैतपुर थाने से हटा दिया गया। महिला ने अकबरपुर कोतवाली में रेप, अप्राकृतिक दुष्कर्म आदि धाराओं में केस दर्ज कराया।
इस केस में फरार दरोगा के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी हो गया। इसके बाद उसने जनपद न्यायालय में सरेंडर किया। अवर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस पर आरोपी दरोगा ने सत्र न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम तहसीलदार सिंह ने मामले को अत्यंत गंभीर प्रकृति का मानते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।