तहसील से मंझवार को अनुसूचित जाति के 357 प्रमाणपत्र जारी करने के बाद तहसील प्रशासन ने निरस्त कर दिया। तहसीलदार मधुसूदन आर्या ने पांच लेखपालों के संयुक्त हस्ताक्षर वाले प्रार्थनापत्र पर पासवर्ड हैक कर दुरुपयोग करने के मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश टांडा कोतवाली पुलिस को भेजा है।
पुलिस ने अभी मामला पंजीकृत नहीं किया है। तहसील प्रशासन के मुताबिक निर्गत प्रमाणपत्र विधि मान्य नहीं हैं। लेखपालों के यूजर आईडी व पासवर्ड को हैक करके किसी ने दुरुपयोग कर पांच लेखपालों का पासवर्ड इस्तेमाल कर दिया, जबकि तहसील क्षेत्र में मंझवार अनुसूचित जाति के अंतर्गत नहीं आते हैं।
इस बीच लेखपाल राजभवन तिवारी क्षेत्र रसूलपुर मुबारकपुर, छोटेलाल क्षेत्र पैकोलिया, हरीलाल क्षेत्र आसोपुर, ओमप्रकाश सोनी क्षेत्र फरीदपुर सैफन व रामयश क्षेत्र औरंगाबाद ने सामूहिक रूप से प्रार्थनापत्र तहसीलदार को इस आशय का दिया कि वे अपने पासवर्ड से आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों का निस्तारण करते हैं।
मगर इस बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने पासवर्ड हैक करके गलत तरीके से मंझवार को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। ऐसे में वे सब सामूहिक रूप से उस अज्ञात व्यक्ति के ऊपर प्राथमिकी दर्ज कराना चाहते हैं। इस प्रार्थना पत्र पर तहसीलदार नेे कोतवाली पुलिस को एफआईआर पंजीकृत करने का आदेश भेजा है।
गौरतलब है कि आय, जाति, निवास प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन तहसील के मेल पर भेजा जाता है। लेखपाल की जांच आख्या, कानूनगो का सत्यापन, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद आवेदकों को लोकवाणी केंद्र के माध्यम से प्रमाणपत्र मिलते हैं।
इतने स्तर से कैसे प्रमाणपत्र गुजरता गया और किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसे लेकर संदेह गहरा रहा है। उधर, तहसीलदार मधुुसूदन आर्य ने कहा कि किसी ने पासवर्ड हैक कर गड़बड़ी की है। केस दर्ज होने के बाद जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।