टांडा में हुई लूट का खुलासा करने को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि बदमाशों ने जनपद पुलिस की निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए एक बार फिर से लूट की घटना को अंजाम दे डाला। बैंक से धन निकासी कर घर जा रहे एक युवक को गोली मार देने की धमकी देते हुए तीन सशस्त्र बदमाशों ने 25 हजार रुपये लूट लिए और भाग गए।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि तीनों बदमाश मुंह में गमछा लपेटे हुए थे। जिले में लूट की घटनाओं पर अंकुश लग नहीं पा रहा है। तीन माह से लगातार लूट की ताबड़तोड़ घटनाएं हो रही हैं।
इससे पुलिस की कार्य प्रणाली व कार्य क्षमता को लेकर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि लूट के तमाम मामलों में पुलिस पर्दाफाश कर पाने में विफल रही है।
टांडा के धागा व्यवसायी से हुई चार लाख की लूट का खुलासा पुलिस एक दिन पहले जब गुरुवार को कर रही थी तब उसी समय लोगों ने आशंका जताना शुरू कर दी थी कि एक दिन भी कुशल से बीत जाए तो पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
यह आशंका शुक्रवार को सच साबित होती दिखाई दी। थाना क्षेत्र के कबूलपुर निवासी युवक राजेश यादव अपने पिता रामतीरथ के साथ दोपहर के करीब मालीपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा गया हुआ था। राजेश चेन्नई में रहकर निजी नौकरी करता है।
अपने विवाह के सिलसिले में वह गांव आया हुआ है। बैंक से 25 हजार रुपये निकालकर उसने अपनी जेब में रखा और पिता की साइकिल से गांव की तरफ चल पड़ा। बताया जाता है कि वे दोनों गुवावां जमालपुर गांव के निकट पहुंचे ही थे कि तभी एक बाइक पर सवार तीन सशस्त्र बदमाश वहां पहुंचे और उन्हें रोक लिया।
इसी बीच एक बदमाश ने कई बार गोली मार देने की धमकी दी जबकि एक अन्य बदमाश ने जेब में रखे 25 हजार रुपये निकाल लिया। शोर मचाने पर गोली चला देने की धमकी देते हुए तीनों बदमाश बाइक से धवरुआ बाजार की तरफ भाग गए।
पीड़ित ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस को राजेश ने बताया कि बदमाश अपना चेहरा गमछे से छुपा रखे थे। राजेश ने पूरे मामले में बैंककर्मियों की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा है कि उसका पीछा शायद बैंक से ही किया गया। समाचार प्रेषण तक पुलिस बदमाशों की खोजबीन में जुटी हुई थी।