टांडा (अंबेडकरनगर)। उपजिलाधिकारी न्यायालय के कर्मचारी से बीते सोमवार को हुए विवाद में सोमवार देर शाम टांडा कोतवाली में अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री दिलीप मांझी के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली, धमकी व दलित उत्पीड़न अधिनियम का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसकी विवेचना सीओ को सौपी गयी है। वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता के अनुसार पुलिस ने उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इससे तहसील के अधिवक्ताओं में रोष का माहौल है।
तहसील के राजस्व अहलमद अरविंद कुमार चौधरी से अधिवक्ता दिलीप मांझी की मामूली बात को लेकर गत दिवस विवाद हो गया था। इसका पटाक्षेप भी कर्मियों व अधिवक्ताओं ने करा दिया था। हालांकि सोमवार देर शाम राजस्व अहलमद ने अधिवक्ता के विरुद्ध तरह तरह के आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दे दी।
पुलिस ने कर्मचारी की तहरीर पर आरोपी अधिवक्ता के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उधर इसी मामले में अधिवक्ता ने भी तहरीर पुलिस को सौंपी। हालांकि पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया है। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश का माहौल है। उधर कोतवाल रामलखन पटेल ने बताया कि तहसीलकर्मी की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।