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मुंह मांगी रकम न मिलने पर 20 से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित

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अंबेडकरनगर। जिले के दो महाविद्यालयों में 22 छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया गया। प्रबंधन व स्कूल कर्मचारियों पर 10-10 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाते हुए दोनों महाविद्यालय के परीक्षार्थी एग्जाम से वंचित होने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से शिकायत की। डीएम सुरेश कुमार के निर्देश पर एडीएम ने एसडीएम व डीआईओएस से आख्या मांगी। इसके बाद अकबरपुर नगर स्थित एक महाविद्यालय पहुंची जांच टीम को विद्यालय प्रशासन देर शाम तक कोई रजिस्टर उपलब्ध नहीं करा पाया।
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डीएम से की गई शिकायत में आजमगढ़ जिले के छज्जोपट्टी निवासी अनुशास तिवारी ने बताया कि वह अकबरपुर नगर के बीएनकेबीपीजी कॉलेज में बीएड प्रथम वर्ष का छात्र है। स्कूल प्रबंधन द्वारा उपस्थिति कम दर्शा कर उससे 10 हजार रुपये अवैध रकम मांगी जा रही थी। ऐसा न कर पाने पर उसे व 7 अन्य छात्र छात्राओं को परीक्षा नहीं देने दिया गया। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनिल मिश्र ने इस पर दूरभाष पर डीएम सुरेश कुमार को मामले से अवगत कराया, और बताया कि जब उन्होंने मामले में हस्तक्षेप किया तो कॉलेज प्रबंधन ने उनसे ही छात्र का पैसा जमा कर देने को कहा। डीएम ने इसके बाद एडीएम गिरिजेश त्यागी को फोन कर मामला देखने को कहा। इसी बीच दुलारी महिला महाविद्यालय दुलारीनगर के लगभग 15 छात्र-छात्राएं भी एडीएम के पास पहुंच गए। लिखित शिकायत कर बताया कि उनकी छात्रवृत्ति का 56 हजार रुपये प्रबंधन ने निकाल लिया और परीक्षा में बैठने के लिए उपस्थिति कम होने की बात कहकर 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त शुल्क की मांग की। ऐसा न करने के चलते बीएड की परीक्षा ही नहीं देने दी गई। इन परीक्षार्थियों का भी परीक्षा केंद्र बीएनकेबीपीजी कॉलेज है।
दोनों मामले को गंभीरता से लेते एडीएम ने एसडीएम व डीआईओएस को तत्काल जांच कर अविलंब आख्या देने का निर्देश दिया। इसके बाद तहसीलदार अकबरपुर व वरिष्ठ शिक्षिका तारा वर्मा की टीम जांच के लिए बीएनकेबीपीजी कॉलेज पहुंच गई। वहां कॉलेज प्रशासन कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं करा पाया। इस पर पुलिस टीम बुलाकर आलमारियों का ताला तुड़वाने की चेतावनी दी गई। जांच टीम देरशाम तक महाविद्यालय में बनी थी, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आ सका था। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने बताया कि जांच रिपोर्ट नहीं आयी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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कम उपस्थित पर लगाई रोक
उपस्थिति कम होने के चलते ही परीक्षा से रोका गया है। यह नियमानुसार है। पैसा मांगने की बात निराधार है। - डॉ. अवधेश, प्राचार्य बीएनकेबीपीजी कॉलेज

उपस्थिति के नाम पर होता शोषण
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनिल मिश्र ने आरोप लगाया है कि उपस्थिति कम होने का हवाला देकर ऐसे विद्यालयों में सिर्फ धनादोहन किया जाता है। महाविद्यालय प्रशासन उपस्थिति कम होने के नियम की आड़ तो लेता है, लेकिन उस नियम का जिक्र क्यों नहीं करता, जिसमें उपस्थिति कम होते रहने पर संबंधित छात्र-छात्राओं को नोटिस जारी करने का प्राविधान है। ऐसे मामलों में संबंधित छात्र-छात्राओं को कम से कम तीन नोटिस जारी होना चाहिए। इस बिंदु पर भी जांच तय हो। ऐसा न होने पर वे शनिवार 19 मई को जिला मुख्यालय पर अनशन करेंगे।
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