जलालपुर (अंबेडकरनगर)। भड़भड़पुर गांव के एक खेत में आग लगने के दौरान आग बुझाने पहुंचे फायर वाहन में पानी समाप्त हो जाने पर बुधवार दिन में ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों का आक्रोश देख फायरकर्मी मौके से वापस लौट आए। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के बाद कुछ दूरी पर ही स्थित फायर स्टेशन पर लाठी डंडों के साथ हमला बोल दिया। फायरकर्मियों की पिटाई के साथ ही जमकर तोड़फोड़ की गई। इसमें एक फायरकर्मी घायल हो गया। प्रशासनिक भवन में तोडफोड़ के साथ ही एक बाइक को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि दो अन्य बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गईं। दो चार पहिया वाहनों में भी तोड़फोड़ के साथ आवासीय परिसर में भी हंगामा किया। बाद में भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद हालात को काबू में किया जा सका। देर शाम 30 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
बुधवार अपराह्न साढ़े तीन बजे भड़भड़पुर जमौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जबकि गांव निवासी शैलेंद्र कुमार के गेहूं के खेत में आग लग गई। बताया जाता है कि ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन लाइन में शॉर्ट सर्किट से निकली चिन्गारी से उसमें आग लग गई। ग्रामीणों ने फायरकर्मियों को जानकारी देते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस बीच चंद कदम की दूरी पर स्थित फायर स्टेशन से एक वाहन घटनास्थल पर पहुंचा। तब तक आग तेजी से इर्द गिर्द के खेतों को भी अपनी चपेट में लेने लगी। कुछ ही देर में वाहन में पानी समाप्त हो गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वहां मौजूद फायर कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए ग्रामीणों ने स्वयं ही आग बुझाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि फायर स्टेशन में बड़ा वाहन मौजूद होने के बावजूद छोटा वाहन भेजा गया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए फायरकर्मी मौके से भाग निकले। लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते, तब तक शैलेंद्र कुमार, बखेड़ू, रामकेवल, रामहित व ताजमोहम्मद की लगभग छह बीघा फसल जलकर राख हो चुकी थी।
आग बुझाने के बाद आक्रोशित एकजुट ग्रामीणों ने लाठी डंडों व ईंट पत्थर से लैस होकर कुछ ही दूरी पर स्थित फायर स्टेशन पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए फायरकर्मी कार्यालय से भाग निकले और परिसर स्थित अपने-अपने आवास में पहुंचकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बताया जाता है कि ग्रामीणों ने कुछ फायरकर्मियों की पिटाई भी की। इसमें एक फायर कर्मी रामबिलास घायल हो गया। ग्रामीणों ने इस बीच फायरकर्मी राजकुमार की बाइक को आग के हवाले कर दिया, जबकि फायरकर्मी रामबिलास व शिवकुमार की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद परिसर में खड़ी फायरकर्मियों की दो जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दी। ग्रामीणों का आक्रोश यहीं नहीं थमा। उन्होंने प्रशासनिक व आवासीय भवन पर भी हमला बोल दिया। वायरलेस सेट, कुर्सियों व खिड़कियों में तोड़फोड़ की। आवासीय भवन में पहुंचकर खिड़कियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। लगभग आधा घंटे तक चले ग्रामीणों के उपद्रव के बाद जलालपुर एसओ रामलखन पटेल दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास के कई अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर ग्रामीणों को तितर-बितर किया। देर शाम एसडीएम विवेक मिश्र व एएसपी ओपी सिंह के नेतृत्व में जिले के सभी थानों की फोर्स व पीएसी ने भड़भड़पुर, जमौली, साहबतारा व रन्नू का पूरा को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद गांव में घुसकर घरों की तलाशी शुरू कर दी। प्रारंभिक दौर में जो भी संदिग्ध उपद्रवी मिले, उन्हें हिरासत में ले लिया गया। देर शाम तक लगभग 30 ग्रामीणों को थाने ले जाया जा चुका था। पुलिस का तलाशी अभियान जारी था।
पुलिस प्रशासन की सामने आई लापरवाही
भड़भड़पुर जमौली गांव में जिस समय फायरकर्मियों के साथ ग्रामीणों ने अभद्रता की थी, उस समय फायर कर्मियों ने जलालपुर थाना पुलिस को सूचना दी। इस पर थाने से एक एसआई व एक सिपाही मौके पर पहुंचे। लाठी डंडों से लैस एकजुट ग्रामीण जब फायर स्टेशन पर हमलावर हुए, तो उनके आक्रोश को देखते हुए दोनों पुलिसकर्मी वहां से पीछे हट गए। इसके बाद न सिर्फ जलालपुर, बल्कि सम्मनपुर, मालीपुर, जैतपुर व बसखारी थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों का कहना था कि यदि समय पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचती, तो घटना को रोका जा सकता था।
चेहरे पर साफ दिखा खौफ
भड़भड़पुर फायर स्टेशन आवासीय सुविधायुक्त है। इसके चलते फायरकर्मी अपने परिवार के साथ यहां रहते हैं। जिस समय आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टेशन पर हमला बोला, उस समय कुछ बच्चे बाहर खेल रहे थे। हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई। फायरकर्मी बच्चों को लेकर अपने-अपने आवास में घुसकर अंदर से दरवाजा बंद कर परिवार के सदस्यों को सुरक्षित किया। भारी फोर्स के पहुंचने के बाद मामला शांत तो हो गया, लेकिन फायरकर्मियों के परिवारीजनों के चेहरे पर खौफ स्पष्ट दिखाई दे रहा था। महिलाएं व बच्चे काफी डरे हुए थे।
एएसपी ने लिया जायजा
घटना की जानकारी होते ही एएसपी ओपी सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। साथ ही फायर स्टेशन पहुंचे मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे व अन्य फायर कर्मियों के साथ बैठक कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। एएसपी ने कहा कि मामले में सभी समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।