केदारनगर (अंबेडकरनगर)। इब्राहिमपुर थाना अंतर्गत मीठेपुर तिराहा के पास स्थित एक क्रेशर का संचालक 100 से अधिक किसानों का 30 लाख रुपये की धनराशि लेकर भाग खड़ा हुआ। इतना ही नहीं, क्रेशर पर भी हाथ साफ कर दिया। वह ठेके पर क्रेशर का संचालन कर रहा था। जानकारी होने पर किसान सन्न रह गए। सोमवार को थाने में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। पुलिस छानबीन में जुट गयी है।
इब्राहिमपुर थाना अंतर्गत मीठेपुर तिराहा के निकट तुलसीपुर निवासी विजेंद्र कुमार वर्मा का क्रेशर है। दो वर्ष पहले विजेंद्र ने क्रेशर का संचालन करने के लिए हरिद्वार निवासी शमीम को समझौते पर दे दिया। शुरुआत में शमीम ने क्रेशर पर गन्ना बेचने के लिए आने वाले किसानों का भुगतान प्राथमिकता के तौर पर किया। इससे क्षेत्र के गन्ना किसानों में उसके प्रति विश्वास बढ़ गया और बड़ी संख्या में किसान अपना अपना गन्ना लेकर क्रेशर पर पहुंचने लगे। शमीम ने इस बीच किसानों का कुछ कुछ भुगतान रोकने लगा। किसानों ने इसके बाद भी यह सोचकर अपना गन्ना क्रेशर पर बेचना जारी रखा कि शीघ्र ही भुगतान हो जाएगा। ऐसा करते करते 100 से अधिक किसानों का लगभग 30 लाख रुपये का बकाया हो गया।
गत दिवस शमीम पर किसान भुगतान के लिए दबाव बनाने लगे। किसानों का लगातार बढ़ते दबाव के बीच शनिवार रात शमीम अंधेरे का फायदा उठाते हुए क्रेशर पर लगभग 300 कुंतल गन्ना छोड़कर भाग खड़ा हुआ। जाते जाते चुपके से क्रेशर भी साथ लेता गया। रविवार सुबह जब संबंधित किसानों को जानकारी हुई, तो वे सन्न रह गए। बड़ी संख्या में पीड़ित किसान मौके पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। भरतराम शर्मा, अंजनी सिंह, राजकुमार वर्मा, रामप्रकट पाल, सियाकांत तिवारी, राजेश तिवारी, राजकुमार सिंह, रामप्रकाश पाल, फौजदार, राजमन, आजाद आदि ने कहा कि वे जब भी शमीम से भुगतान के लिए कहते, तो वह शीघ्र ही भुगतान का आश्वासन देता। मार्च के अंत में उसने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाने दो, सभी का भुगतान कर दिया जाएगा। बाद में पीड़ित किसानों ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। प्रभारी एसओ इब्राहिमपुर रामप्रताप यादव ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले में छानबीन की जा रही है।