अंबेडकरनगर। पासपोर्ट व चरित्र प्रमाणपत्र के नाम पर वसूली करना दो पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ा है। भुक्तभोगियों की शिकायत पर एसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए स्थानीय अभिसूचना इकाई के एक सिपाही समेत दफ्तरी को निलंबित कर दिया है। दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। एसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी मामले में वसूली का मामला सामने आया, तो इसी तरह के एक्शन लेने में देरी नहीं की जाएगी। उन्होंने जनसामान्य का आह्वान किया है कि वसूली के किसी भी सही मामले की शिकायत वे सीधे तौर पर उनसे करें।
सोमवार को पुलिस कार्यालय पहुंचे दो नागरिकों ने एसपी संतोष कुमार मिश्र से शिकायत किया कि उनसे पासपोर्ट व चरित्र प्रमाणपत्र के नाम पर स्थानीय अभिसूचना कार्यालय (एलआईयू) के सिपाहियों द्वारा अवैध वसूली की गई है। इसके बाद भी काम नहीं किया जा रहा है। एसपी ने इसका तत्काल संज्ञान लिया। एलआईयू के पुलिसकर्मियों की पहचान के लिए परेड करा दी। पीड़ितों ने दो लोगों को पहचाना। इनमें से एक एलआईयू कार्यरत सिपाही शैलेंद्र यादव था, तो दूसरा पुलिस कार्यालय में तैनात दफ्तरी रंगीलाल। एसपी ने तत्काल प्रभाव से न सिर्फ दोनों पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक तौर पर कड़ी फटकार लगाई, वरन तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया। एसपी ने इसके साथ ही मामले की विभागीय जांच भी बैठा दी। एसपी ने नए सिरे से सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश जारी कर कहा कि किसी भी प्रकार की वसूली का मामला सामने आया, तो बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने जनसामान्य का आह्वान किया कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी अवैध वसूली करता है, तो इसकी शिकायत सीधे उनसे की जाए। दंडात्मक कार्रवाई के साथ साथ जरूरत पड़ी, तो वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगे यदि कोई भी पुलिसकर्मी ऐसा करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध सीधे भ्रष्टाचार मामले में केस दर्ज करा दिया जाएगा।